अनूप दुबे, कटनी (ढीमरखेड़ा)। मध्य प्रदेश के कटनी जिले की ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत में लोगों को मौत के बाद भी सुकून नहीं नसीब हो रहा है। अंतिम संस्कार के लिए चिता लेकर जा रहे ग्रामीणों को दलदल भरी सड़क से होकर गुजरना पड़ता है। ग्राम पंचायत बरहटा के आश्रित ग्राम पड़रिया में शुक्रवार रात दो बुजुर्गों की मौत हो गई। 80 वर्षीय मलकिया बाई बर्मन और 82 वर्षीय अर्जुन कोल की मौत के बाद सुबह अंतिम संस्कार के लिए रिश्तेदार और ग्रामीण शामिल हुए।
मुक्तिधाम पहुंचने के लिए पक्की सड़क न होने के कारण दलदल भरी सड़क से कंधे में अर्थी लिए सभी को परेशानियों का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि बीते कई सालों से शासन प्रशासन से गांव में पक्की सड़क निर्माण की मांग की जा रही है। पक्की सड़क तो छोड़िए, सड़कों के गड्ढों में भी सुधार नहीं हो पाया।
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ग्रामीणों ने कलेक्टर आशीष तिवारी से जल्द से जल्द समस्या निराकरण करने की मांग की है। इस संबंध में ग्राम पंचायत सचिव सैयद अहमद अली से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि कुंसरी गांव से पड़रिया गांव तक की सड़क कच्ची है। मुक्तिधाम पहुंचने के लिए भी कच्ची सड़क से ही ग्रामीणों को जाना करना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क परियोजना के द्वारा सड़क निर्माण का सर्वे किया गया है और आश्वासन दिया गया था कि जल्द से जल्द निर्माण कार्य कराया जाएगा लेकिन निर्माण कार्य नहीं हो पाया।
इस संबंध में जनपद सीईओ यजुर्वेद कोरी से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क परियोजना के तहत सड़क निर्माण के संबंध में सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है। विभाग से जानकारी ली जाएगी कि अभी तक निर्माण क्यों चालू नहीं किया गया और बारिश के मौसम में व्यवस्था बनाने को लेकर भी पत्र व्यवहार किए जाएंगे।
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