अभय मिश्रा, मऊगंज। एमपी के मऊगंज जिले से कानून व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद सनसनीखेज और खौफनाक वारदात सामने आई है। सवाल यह है कि क्या मऊगंज में अब अपराधियों के मन से पुलिस का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है या फिर खाकी का यह ढुलमुल रवैया ही अपराधियों को बेखौफ बना रहा है?
नईगढ़ी थाना क्षेत्र के खटखरी गांव में महज एक पालतू मवेशी के विवाद में आकाश जायसवाल नाम के एक बेकसूर युवक की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई और उसके शव को पानी में फेंक दिया गया। परिजनों का साफ तौर पर आरोप है कि अगर पुलिस समय रहते कदम उठाती, तो आज आकाश जिंदा होता। आखिर क्यों 15 दिन पहले दर्ज शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई?
मऊगंज जिले की कानून व्यवस्था इस वक्त सबसे नाजुक दौर से गुजर रही है। खटखरी गांव में आकाश जायसवाल की गला रेतकर और शरीर पर चाकू के कई वार करके निर्मम हत्या कर दी गई। गले पर गहरा घाव होने की वजह से आकाश ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया, जिसके बाद कातिलों ने वारदात को छिपाने के लिए उसके शव को पानी में फेंक दिया।
इस वारदात के बाद गुस्साए परिजनों का धैर्य जवाब दे गया। परिजनों ने आकाश का शव सीधे नईगढ़ी थाने के सामने सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। सड़क पर घंटों हंगामा होता रहा और उठते रहे पुलिस प्रशासन पर कड़े सवाल।परिवार का सीधा आरोप नईगढ़ी थाना प्रभारी और पुलिस की लापरवाही पर है। परिजनों के मुताबिक, लगभग 15 दिन पहले पालतू भैंस को लेकर एक मामूली विवाद हुआ था, जिसमें आरोपियों ने आकाश की मां के साथ मारपीट की थी। थाने में शिकायत दर्ज हुई, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने कोई ठोस कदम उठाने के बजाय कुछ ही घंटों में आरोपी को छोड़ दिया।
परिजनों का सबसे चौंकाने वाला और गंभीर आरोप यह है कि थाने से छूटने के बाद आरोपी गांव में ढिंढोरा पीटता था कि वह ‘1500 रुपए देकर छूट गया है’ और लगातार परिवार को जान से मारने की धमकियां दे रहा था। इस बात की सूचना फिर से पुलिस को दी गई, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी रही। नतीजा? आज एक युवा को अपनी जान गंवानी पड़ी। परिजनों का कहना है कि आकाश अकेला नहीं था, उसे कई लोगों ने घेरकर मारा है, क्योंकि एक शख्स के लिए यह अकेले मुमकिन नहीं था।
मामले को बढ़ता देख अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशिकांत सरयाम मौके पर पहुंचे। घंटों की समझाइश और मुख्य आरोपी शनि जायसवाल की तत्काल गिरफ्तारी और आश्वासन के बाद ही परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी हुए और देर शाम विरोध प्रदर्शन खत्म हुआ।
परिजनों ने गांव में फल-फूल रहे अवैध शराब के कारोबार पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। खटखरी गांव में खुलेआम बिक रही अवैध दारू और अपराधियों के गठजोड़ की शिकायतें पहले भी कई बार हो चुकी हैं, लेकिन खाकी की नींद नहीं टूटी। मऊगंज में बीते एक महीने के भीतर कानून व्यवस्था बिगड़ने का यह तीसरा बड़ा मामला है, जहां जनता को इंसाफ के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा है।
फिलहाल पुलिस ने एक आरोपी शनि जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन सवाल अभी भी बने हुए हैं, क्या मऊगंज पुलिस सिर्फ एक गिरफ्तारी करके अपनी नाकामियों पर पर्दा डाल देगी? उन अन्य आरोपियों का क्या जो इस साजिश में शामिल थे?
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

