शब्बीर अहमद, भोपाल। दिल्ली में मध्य प्रदेश कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार किया गया है। एमपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत विधायकों को हिरासत में लिया गया है। राष्ट्रपति से समय न मिलने के बाद 24 अकबर रोड कांग्रेस दफ्तर से विधायकों ने राष्ट्रपति भवन तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान पुलिस ने सभी को हिरासत में लिया है।
दरअसल, एमपी से कांग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रद्द होने का मामला राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तक पहुंचा। शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक दल दिल्ली पहुंचा। जहां मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने का विरोध किया। वहीं राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा था, लेकिन समय नहीं मिलने के बाद पार्टी ने अपनी रणनीति बदलते हुए सीधे सड़क पर उतरने का फैसला किया।
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24 अकबर रोड से राष्ट्रपति भवन तक ‘पैदल मार्च’
राष्ट्रपति से मुलाकात का वक्त न मिलने से नाराज कांग्रेस नेताओं और विधायकों ने पैदल मार्च निकाला। मध्य प्रदेश के सभी कांग्रेस विधायक और वरिष्ठ नेता दिल्ली में 24 अकबर रोड (कांग्रेस मुख्यालय) से राष्ट्रपति भवन तक पैदल मार्च किया। इस दौरान पुलिस ने पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कांग्रेस विधायकों को हिरासत में ले लिया।
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को अपना उम्मीदवार बनाया था। लेकिन स्क्रूटनी (जांच) के दौरान उनके नामांकन पत्र में तकनीकी त्रुटि पाए जाने के कारण उसे रद्द कर दिया गया था। बहुमत के आंकड़े होने के बावजूद हाथ से सीट फिसलने के बाद कांग्रेस आक्रोशित है और इस पूरी प्रक्रिया को दुर्भावनापूर्ण बताते हुए केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला था।
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सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका
इधर, मीनाक्षी नटराजन की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “हम इस याचिका पर दखल नहीं देना चाहते हैं।” कोर्ट ने कांग्रेस प्रत्याशी को कानूनी विकल्प समझाते हुए कहा कि यदि वे इस फैसले को चुनौती देना चाहती हैं, तो वे चुनाव याचिका (Election Petition) के ज़रिए संबंधित हाईकोर्ट का रुख कर सकती हैं।


