Technology Desk: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब Meta ने नया स्पीच-टू-टेक्स्ट मॉडल पेश किया है। इसका नाम Muse Voice Transcribe है। यह मॉडल आवाज को तुरंत टेक्स्ट में बदल सकता है। यानी बोलते समय ही आपकी बात स्क्रीन पर लिखी दिखाई देगी।

70 से ज्यादा भाषाओं का सपोर्ट
Meta के अनुसार Muse Voice Transcribe 70 से ज्यादा भाषाओं को सपोर्ट करता है। इसमें भारत की पांच प्रमुख भाषाएं भी शामिल हैं। इनमें हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ शामिल हैं।
यह मॉडल एक साथ कई भाषाओं में हुई बातचीत को भी समझ सकता है। उदाहरण के लिए, बातचीत के दौरान हिंदी से अंग्रेजी में जाने पर भी यह ट्रांसक्रिप्शन जारी रखेगा।
20 से ज्यादा लोगों की आवाज पहचान सकेगा

इस AI मॉडल की खासियत इसकी रियल-टाइम ट्रांसक्रिप्शन क्षमता है। इसमें रिकॉर्डिंग खत्म होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। आप जैसे-जैसे बोलेंगे, टेक्स्ट स्क्रीन पर दिखाई देता जाएगा। Meta का दावा है कि यह 20 से ज्यादा लोगों की आवाज पहचान सकता है।
यह एक घंटे से ज्यादा लंबी रिकॉर्डिंग को भी ट्रांसक्राइब कर सकता है। इसके लिए अलग पोस्ट-प्रोसेसिंग की जरूरत नहीं होती।
स्पीड के साथ सटीकता पर भी फोकस
Muse Voice Transcribe को तेज और सटीक बनाया गया है। आसान शब्दों को यह तुरंत पहचान लेता है। मुश्किल शब्दों को समझने में यह थोड़ा ज्यादा समय ले सकता है। Meta के अनुसार, 1 सितंबर 2026 तक यह एक स्पीच-टू-टेक्स्ट लीडरबोर्ड में पहले स्थान पर था।
API के जरिए इस्तेमाल कर सकते हैं
Muse Voice Transcribe अब Meta के Model API के जरिए उपलब्ध है। फिलहाल इसका इस्तेमाल Mac के Meta AI और Muse Code में डिक्टेशन के लिए हो रहा है। Meta ने इसकी कीमत 3 डॉलर प्रति 1,000 ऑडियो मिनट रखी है। यह करीब 0.18 डॉलर प्रति घंटे के बराबर है।
बहुभाषी देशों के लिए यह मॉडल काफी उपयोगी हो सकता है। खासकर भारत में हिंदी और अंग्रेजी साथ बोलने वाले यूजर्स को फायदा होगा।
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