सिरसा में मानसून की पहली ही तेज बारिश ने भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत दी है। हालांकि, इस बारिश की वजह से शहर के प्रमुख बाजारों और रिहायशी कॉलोनियों में भारी जलभराव हो गया, जिससे प्रशासनिक तैयारियां धरी की धरी रह गईं।

सिरसा। जिले में मानसून की पहली जोरदार दस्तक ने भीषण गर्मी और उमस से बेहाल आम जनता को काफी बड़ी राहत प्रदान की है। पिछले दो दिनों से लगातार हो रही इस झमाझम बारिश के चलते तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे पूरा मौसम खुशनुमा हो गया है। इस बदलते सुहावने मौसम के कारण स्थानीय बाजारों में लोगों की चहल-पहल अचानक बढ़ गई है। इसके साथ ही, लंबे समय से सूखे का सामना कर रहे किसानों के चेहरों पर भी संतोष की लकीरें साफ दिखाई दे रही हैं, क्योंकि कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह मानसूनी बारिश आगामी खरीफ फसलों के लिए बेहद गुणकारी और अमृत समान मानी जा रही है।

प्रमुख सड़कों और कॉलोनियों में जलजमाव

इस पहली बारिश ने जहां लोगों को चिलचिलाती धूप से सुकून दिया, वहीं दूसरी तरफ शहरी और ग्रामीण इलाकों में प्रशासनिक दावों की धज्जियां उड़ाकर रख दीं। सिरसा शहर के अधिकांश मुख्य बाजारों, रिहायशी कॉलोनियों और निचले इलाकों की सड़कों पर कई फीट तक पानी जमा हो गया है। गलियों और घरों के सामने भारी जलभराव होने के कारण नागरिकों की दैनिक गतिविधियां पूरी तरह से ठप पड़ गईं। इस बदइंतजामी के कारण सबसे ज्यादा परेशानी दफ्तर जाने वाले नौकरीपेशा लोगों और स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है, जिन्हें गंतव्य तक पहुंचने में घंटों की देरी का सामना करना पड़ रहा है।

वाहन चालक परेशान और प्रशासन लाचार

सड़कों पर हुए इस भारी जलजमाव का सबसे बुरा असर दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों पर देखने को मिला। पानी के अत्यधिक भराव के कारण दर्जनों वाहन बीच राह में ही बंद हो गए, जिससे शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और भीषण जाम की स्थिति पैदा हो गई। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि मानसून से पहले जिला प्रशासन ने सीवरेज और बड़े नालों की सफाई के बड़े-बड़े खोखले दावे किए थे, जो पहली ही बरसात में बह गए। लोगों ने रोष जताते हुए कहा कि यदि पहली बारिश में यह हाल है, तो आगे भयंकर मुसीबत खड़ी हो सकती है।

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

मौसम विज्ञान विभाग ने आगामी दो दिनों तक सिरसा जिले के विभिन्न हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना व्यक्त करते हुए अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों ने आम जनता को जलभराव वाले संकरे रास्तों से दूर रहने और आकाशीय बिजली से सुरक्षित रहने की विशेष सलाह दी है। यह बारिश ग्रामीण क्षेत्रों के खेतों में नमी बढ़ाने और फसलों के उत्पादन के लिए जितनी उत्तम है, उतनी ही शहरी क्षेत्रों के कमजोर ड्रेनेज सिस्टम के कारण नगर परिषद की कार्यप्रणाली के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुकी है। नागरिक अब इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।