सोहराब आलम, मोतिहारी। पूर्वी चंपारण जिले में पुलिस ने एक बड़े मानव तस्करी और नवजात शिशु खरीद-बिक्री गिरोह का पर्दाफाश करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से एक नवजात शिशु को सकुशल बरामद कर लिया है, साथ ही एक करोड़ बारह लाख रुपये नकद, एक एम्बुलेंस और एक ऑल्टो कार भी जब्त की गई है। यह कार्रवाई पुलिस की विशेष टीमों और स्थानीय थाने के संयुक्त प्रयासों से अंजाम दी गई है।

​गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई

​पुलिस को 3 सितंबर 2026 को एक गुप्त सूचना मिली थी कि पकड़ीदयाल स्थित विशाल चाइल्ड केयर अस्पताल के पास से एक नवजात शिशु को अवैध रूप से खरीदा-बेचा जा रहा है। सूचना के मुताबिक, बच्चे को एम्बुलेंस और ऑल्टो कार के जरिए चोरमा कोठी बाजार की तरफ ले जाया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय अधिकारियों के निर्देश पर पकड़ीदयाल थाना की गश्ती टीम, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने तुरंत एक संयुक्त ऑपरेशन चलाया।

​वाहनों की घेराबंदी और बरामदगी

​पुलिस टीमों ने चोरमा कोठी बाजार के पास संदिग्ध वाहनों की घेराबंदी कर ली। तलाशी के दौरान एम्बुलेंस के अंदर एक महिला की गोद में नवजात शिशु मिला। जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो उस महिला ने स्वीकार किया कि उसने नवजात को पैसों के बदले खरीदा है और वह उसे अपने साथ ले जा रही थी। वाहन में मौजूद अन्य संदिग्धों ने भी इस अवैध खरीद-बिक्री में अपनी संलिप्तता कबूल कर ली।

​गिरफ्तार आरोपियों की पहचान और नेटवर्क की तलाश

​इस मामले में पुलिस ने कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें गौतम कुमार, चंदन राम, छोटू कुमार, कुणाल कुमार, गुड्डू कुमार और तीन महिलाएं शामिल हैं। पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। पुलिस अब इस पूरे सिंडिकेट की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह के तार कहां-कहां जुड़े हैं और इन्होंने अब तक कितने बच्चों को अपना शिकार बनाया है। इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।