MP Assembly Monsoon Session: मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को सदन में किसानों के मुद्दे पर जबरदस्त हंगामा, तीखी नोंकझोक और सियासी घमासान देखने को मिला। खाद, बीज, बिजली और खराब फसल के मुआवजे को लेकर विपक्ष ने सरकार पर चौतरफा हमला बोला तो वहीं सत्तापक्ष ने भी पलटवार करते हुए विपक्ष के दावों को झूठा करार दिया। बहस के दौरान सदन में उस वक्त दिलचस्प मोड़ आ गया, जब कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मौसम विभाग के आंकड़ों को दरकिनार कर अपने पंडित की ‘भविष्यवाणी’ सदन के सामने रख दी।
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कांग्रेस विधायक महेश परमार ने लगाए नारे, ‘बीमा में लूट’ का आरोप
कार्रवाई की शुरुआत में ही कांग्रेस विधायक महेश परमार ने सदन में ‘जय जवान, जय किसान’ के नारे लगाते हुए सरकार को घेरा।
परमार ने कहा कि जब सरकार बनाने की बात होती है, तब MSP देने के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जब किसान खाद मांगता है तो ‘ई-टोकन’ का झंझट लागू कर दिया जाता है।
उन्होंने मांग की कि किसानों का भला करना है तो समय पर खाद, बीज और पर्याप्त बिजली देनी होगी। फसल और सब्जियों के सही दाम तय करने होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि फसल बीमा में खुली लूट चल रही है और केवल पैसे देने वालों को ही मुआवजा मिल रहा है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का बड़ा हमला- ‘बंद पड़ी हैं लैब, सर्वर डाउन का सिस्टम है’
इसके बाद सदन में मोर्चा संभालते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रमाणों के साथ सरकार की कृषि नीतियों की धज्जियां उड़ाईं।
सिंघार ने दावा किया कि प्रदेश की 213 मृदा परीक्षण लैब (Soil Testing Labs) बंद पड़ी हैं और वहां मिट्टी की जगह ‘गोबर’ रखा जा रहा है। सरकार गौ माता की बात तो करती है, लेकिन किसान को भूल जाती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह झगड़ा दो नेताओं का है, जिसमें एक तरफ सूबे के मुखिया हैं और दूसरी तरफ केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान हैं। फाइलों के चक्कर में प्रदेश को केंद्र से पैसा और 13% कम बीज मिला है।
सिंघार ने कहा कि आजकल नया सिस्टम है- सर्वर डाउन रहता है, खाद भले न मिले लेकिन किसानों को OTP जरूर मिल जाता है। यह पूरा सिस्टम बड़े व्यापारियों और कालाबाजारी करने वालों के लिए बनाया गया है। उन्होंने खाद बोरियों की लाइव ट्रैकिंग करने और ई-टोकन व्यवस्था को तत्काल खत्म करने की मांग की।
कृषि मंत्री ऐंदल सिंह कंषाना का पलटवार- ‘आंकड़े नहीं, पर्याप्त स्टॉक है’
विपक्ष के तीखे हमलों का जवाब देने के लिए कृषि मंत्री ऐंदल सिंह कंषाना खड़े हुए और उन्होंने नेता प्रतिपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश में खाद और बीज का पर्याप्त स्टॉक है। ई-टोकन व्यवस्था से लाइनें लगना बंद हुई हैं, पहले विपक्ष के लोग ही लाइनों में बाहरी लोगों को घुसाकर पत्थरबाजी करवाते थे।
कंषाना ने तल्ख तेवर दिखाते हुए कहा कि जिन-जिन कांग्रेस विधायकों ने अपने क्षेत्रों में खाद संकट की बात कही है, उनकी आवाज बंद करवाना हमें अच्छी तरह आता है… हम वहां तुरंत खाद पहुंचा देंगे। उन्होंने पूछा कि अगर खाद-बिजली नहीं थी तो एमपी को सात बार ‘कृषि कर्मण अवार्ड’ कैसे मिला?
कैलाश विजयवर्गीय की ‘पंडित वाली भविष्यवाणी’ से सदन हैरान
सदन में सूखे की आशंका और कम बारिश के दावों के बीच संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने एक बेहद दिलचस्प और हैरान करने वाला बयान दिया।
विजयवर्गीय ने कहा कि मौसम विभाग के आंकड़े चाहे कुछ भी कहें लेकिन इस साल अधिक मास का साल है। यह बात मुझे मेरे पंडित जी ने बताई है। प्रदेश में कहीं भी सूखा नहीं पड़ेगा, बल्कि पर्याप्त बारिश होगी और यह बारिश दीपावली तक चलेगी।
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आंकड़ों को लेकर जमकर हंगामा, मंत्रियों के बीच तीखी नोंकझोक
सदन का तापमान तब और बढ़ गया जब विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार केवल कागजों और आंकड़ों में खाद की उपलब्धता दिखा रही है, जबकि हकीकत में किसान सोसायटियों के चक्कर काट रहा है। इसी मुद्दे को लेकर कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच जमकर तीखी नोंकझोक और बहस हुई, जिसके चलते सदन में भारी हंगामा हुआ।
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