संजय पाटीदार, भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एसटीएफ की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। एक मकान से अवैध नशीले कफ सिरप का जखीरा बरामद किया है। जिसकी कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। वहीं STF ने मौके से 10 आरोपियों को भी हिरासत में लिया है। कफ सिरप के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल मामले में जांच पड़ताल की जा रही है। मिलावट को लेकर बड़ा खुलासा हो सकता है।

यह पूरा मामला भोपाल के गांधीनगर के डोबरा पटेल सिटी कॉलोनी का बताया जा रहा है। जहां एसटीएफ की टीम ने शुक्रवार को पटेल सिटी स्थित एक किराए के मकान में दबिश दी। घर के दो कमरों से अवैध कफ सिरप की बड़ी खेप बरामद की गई है। एसटीएफ ने 700 से ज्यादा पेटियां और मशीनें जब्त की है। जिसकी कीमत डेढ़ करोड़ रुपए बताई जा रही है। मौके से 10 लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। इस कार्रवाई की भनक गांधीनगर पुलिस को भी नहीं लगी।

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नेटवर्क खंगाल रही STF

यह मकान मालवीय नामक व्यक्ति का बताया जा रहा है। STF की टीम ने कफ सिरप के सैंपल को जांच के लिए भेज दिया है। इस मामले में मिलावट का बड़ा खुलासा हो सकता है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल एसटीएफ यह पता लगाने में जुटी है कि अवैध कफ सिरप का नेटवर्क किन लोगों से जुड़ा हुआ है और इसकी सप्लाई कहां कहां की जा रही थी।

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STF DIG ने कही ये बात

एसटीएफ डीआईजी राहुल लोढ़ा ने बताया कि राजधानी में किराये के मकान में सिरप की अवैध फैक्ट्री संचालित की जा रही थी। बिना डॉक्टर के पर्चे के कफ सिरप नहीं मिल सकता है। स्टिकर चेंज करके आगे भेजा जा रहा था। पकड़े गए 10 लोगों में तीन नाबालिग है। उन्होंने बताया कि एक करोड़ रुपये से अधिक कीमत की करीब 50 हजार नशीली कफ सिरप सीसी बरामद की गई है। यह फैक्ट्री करीब सात माह से चल रही थी। इस कफ सिरप का नशे के लिए ज्यादा उपयोग होता है। कोरेन से बनता है, जो अफीम से बनाया जाता है।

एक्सपायरी डेट को भी हटाया

उन्होंने आगे बताया कि इसे सिरप को बिना लाइसेंस के बेचा खरीदा नहीं जा सकता है। दवा के बेच नम्बरों को मिलता गया, फिर नई शीशी में नए स्टीगर से बनाया गया। जिसे पहचान पाना भी मुश्किल है। एसटीएफ डीआईजी ने कहा कि यह संगठित अपराध है। ग्वालियर, विदिशा, मालवा समेत कई स्थानों पर सप्लाई किया जा रहा था। यहां भी कार्रवाई के लिए तैयारी है। एक्सपायरी डेट को भी हटाया गया। इस मामले के चेन सिस्टम को पकड़ने का काम किया जाएगा। इसे ट्रेस करने का काम शुरू कर दिया गया है। मूल कंपनी ONEREX की अवैध पैकिंग की जा रही थी। इस कंपनी से भी संपर्क किया जाएगा। वहीं सप्लायर और मेडिकल संचालकों पर भी बड़ी कार्रवाई होगी।

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