कुमार इंदर, जबलपुर। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद परिवहन विभाग के विवादास्पद पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की शरण ली है। शर्मा ने पत्नी के गंभीर इलाज का हवाला देते हुए जमानत याचिका दायर की है। हाईकोर्ट अगले हफ्ते इस याचिका पर सुनवाई कर सकता है।
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जबलपुर हाईकोर्ट में दायर अपनी जमानत याचिका में सौरभ शर्मा ने कहा है कि उनकी पत्नी बीमार चल रही हैं और उनका इलाज कराना बेहद जरूरी है। इस आधार पर उन्होंने नियमित जमानत की मांग की है।
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सौरभ शर्मा परिवहन विभाग में आरक्षक के पद पर तैनात था। उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज होने के बाद से वे जेल में बंद हैं। आरोप है कि उसने अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है, जिसके चलते उसे करोड़पति पूर्व आरक्षक के नाम से भी जाना जाता है। जांच एजेंसियों के अनुसार, सौरभ शर्मा पर अवैध तरीके से संपत्ति जमा करने के गंभीर आरोप लगे थे। मामले की जांच अभी भी जारी है।

