हेमंत शर्मा, इंदौर। मध्य प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट को जिला कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। न्यायालय ने उपचुनाव के दौरान दर्ज मामले में उन्हें बरी कर दिया है। उन पर कोरोना के दौरान नियमों के उल्लंघन का आरोप था।

मामला छह साल पुराना है जब उनके चुनाव प्रचार में ज्यादा भीड़ इकठ्ठा हुई थी। ज्यादा लोगों को इकठ्ठा करने के आरोप में पुलिस ने उनके खिलाफ महामारी अधिनियम और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था। सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान कोर्ट में पेश हुए।

मंत्री तुलसी सिलावट के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले। जिसके बाद कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए छह साल पुराने मामले का पटापेक्ष कर दिया। कोर्ट के इस फैसले से मंत्री तुलसी सिलावट को बड़ी राहत मिली है। वहीं राजनीतिक गलियारों में भी इसे लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

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