अमित पाण्डेय, सीधी। मध्य प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के अलर्ट के बीच सीधी जिले से नगरपालिका परिषद की चौपट व्यवस्था को उजागर करने वाली तस्वीर सामने आई है। दो दिनों से जारी रुक-रुककर बारिश के कारण शहरी क्षेत्र में सुखा और हिरण नदी उफान पर आ गई हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने से पुल-पुलिया जलमग्न हो चुके हैं और पानी लोगों के घरों में घुस गया है। जलभराव के खौफ से लोग रात भर सोने के बजाय सामान की रखवाली और पानी का स्तर देखते हुए रात काटने को मजबूर हैं।
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नगरपालिका की अंधाधुंध परमिशन और अनदेखी बनी मुसीबत का सबब
शहरी क्षेत्र में बने इस बाढ़ जैसे हालात के पीछे नगरपालिका प्रशासन की घोर लापरवाही सामने आ रही है। आरोप है कि बिना किसी जल निकासी मास्टर प्लान और नाली निर्माण के, नदियों के तटबंधों के समीप अंधाधुंध निर्माण की स्वीकृतियां दी गईं। नदियों के प्राकृतिक प्रवाह को रोकने और अतिक्रमण की अनदेखी का नतीजा आज आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। नगरीय प्रशासन की इस लापरवाही से स्थानीय रहवासियों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है।
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देर रात हालात का जायजा लेने पहुंचे तहसीलदार
पानी का बहाव इतना तेज है कि पुलों के ऊपर से पानी बहने के कारण कई क्षेत्रों का आपस में संपर्क टूट गया है। देर रात स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और अधिकारियों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए। हालांकि, जब तक जल निकासी की स्थाई व्यवस्था और उफनती नदियों के तटीय इलाकों में सुरक्षा इंतजाम नहीं किए जाते, तब तक रहवासियों पर बाढ़ का खतरा लगातार मंडराता रहेगा।
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