हेमंत शर्मा, इंदौर। मध्य प्रदेश के औद्योगिक हब पीथमपुर में बड़े-बड़े दावों और वादों के साथ जमीनें हासिल करने वाले महा-निवेशकों की मनमानी पर प्रदेश सरकार ने अब एक्शन लिया है। पिछले 10 सालों में पंतजलि, रिलायंस, एडीएजी और जापानी निवेशकों को आवंटित की गई 419 एकड़ की कीमती औद्योगिक जमीन सरकार वापस लेने जा रही है।
करोड़ों के निवेश और हजारों नौकरियों का ढिंढोरा पीटकर जमीन दबाने वाली इन कंपनियों से अब मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम जमीन वापस लेकर नए और गंभीर निवेशकों को सौंपने की तैयारी में जुट गया है।
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पंतजलि का फूड पार्क कागजों में सिमटा, 9 साल बाद भी खाली पड़ा है मैदान
पंतजलि को साल 2017 में 25 लाख रुपये प्रति एकड़ की कीमत से करीब 40 एकड़ भूमि आवंटित की गई थी। दावा किया गया था कि 500 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। जिससे 5 हजार स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा फूड प्रोसेसिंग और पास्ता प्लांट का निर्माण किया जाएगा।
वहीं 9 साल बीत जाने के बाद भी जमीन पर एक ईंट नहीं रखी गई। अब उद्योग विभाग ने बाबा रामदेव की पंतजलि कंपनी को अंतिम नोटिस जारी कर जमीन वापसी की कार्रवाई शुरू कर दी है।
रिलायंस ADAG का 46 हजार करोड़ का डिफेंस प्रोजेक्ट हवा-हवाई
रिलायंस को पीथमपुर में लगभग 200 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई गई थी। जिसको लेकर दावा किया गया था कि देश का बड़ा रक्षा उत्पादन संयंत्र, डेटा सेंटर और हथियार निर्माण की इकाई लगाई जाएगी। यह दावा किया गया था कि 46,000 करोड़ का बड़ा निवेश आएगा।
आवंटन के समय 3 साल के भीतर उत्पादन शुरू करने की सख्त शर्ती थी लेकिन वर्षों बीतने के बाद भी एक संयंत्र शुरु नहीं हुआ। अब इस आरक्षित जमीन का बड़ा हिस्सा निरस्त कर अन्य कंपनियों को आवंटित किया जा रहा है।
जापानी निवेशकों के लिए रिजर्व 178 एकड़ जमीन पर भी बट्टा
पीथमपुर में जापानी और दक्षिण-पूर्व एशियाई ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए 178 एकड़ जमीन आरक्षित रखी गई थी। साल 2019 में जापानी संगठन JETRO की टीम ने दौरा भी किया था लेकिन सालों बाद भी कोई ठोस प्रोजेक्ट धरातल पर नहीं उतरा। अब इस जमीन को भी फ्र कर नए प्रस्तावों के लिए खोला जा रहा है।
इंफोसिस से छीनी 50 एक्ड़ जमीन, निष्क्रिय प्रोजेक्ट्स निशाने पर
मध्य प्रदेश उद्योग विभाग अब ऐसी किसी भी कंपनी को बख्शने के मूड में नहीं है जो केवल जमीन रोककर बैठी है। इससे पहले इंफोसिस को इंदौर सुपर कॉरिडोर पर दी गई 130 एकड़ में से 50 एकड़ जमीन वापस ली जा चुकी है। एशियन पेंट्स और अन्य 32 एकड़ वाली कंपनियों को भी नोटिस जारी किया गया है।
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आगामी इन्वेस्टर समिट्स से पहले सरकार पीथमपुर और प्रदेश भर में खाली पड़े औद्योगिक प्लॉटों का पुनरावलोकन कर रही है जिससे वास्तविक निवेशकों को जमीन दी जा सके और प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा हो।
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