मुजफ्फरपुर। जिले में शनिवार दोपहर साहेबगंज नगर परिषद क्षेत्र के बैद्यनाथपुर शिवालय मंदिर के सामने बहने वाली बया नदी में नहाने गए तीन किशोरों की गहरे पानी में जाने से डूबकर मौत हो गई। इस दुखद हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
​मृतकों की पहचान वार्ड संख्या-8 के रहने वाले अमृत कुमार (14 वर्ष, पिता गुड्डू साह), साहिल उर्फ झुन्नू (12 वर्ष, पिता मनोज साह) और मोहम्मद रेहान (13 वर्ष, पिता मोहम्मद ऐनुल) के रूप में हुई है। वहीं, उनके साथ नदी में उतरा चौथा किशोर गुड्डू (13 वर्ष, पिता मोहम्मद मुन्ना) किसी तरह तैरकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहा।

​नदी में कैसे हुआ हादसा?

​प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर ये चारों किशोर किसी बात को लेकर या गर्मी से राहत पाने के लिए बया नदी में नहाने उतरे थे। नहाने के दौरान वे अनजाने में नदी के गहरे पानी वाले हिस्से में चले गए। पानी का अंदाजा न होने और गहराई अधिक होने के कारण वे संभल नहीं सके।
​साथियों को डूबता देख गुड्डू ने हिम्मत जुटाई और तैरकर किसी तरह नदी से बाहर निकल आया। उसने तुरंत आसपास के लोगों को इस अनहोनी की जानकारी दी, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और बाकी के तीनों किशोर गहरे पानी में समा चुके थे।

​स्थानीय लोगों की तीन घंटे की मशक्कत

​घटना की सूचना मिलते ही मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग जमा हो गए। प्रशासन या गोताखोरों का इंतजार किए बिना स्थानीय युवाओं ने खुद ही नदी में उतरकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
​लगभग दो से तीन घंटे की कड़ी मशक्कत और खोजबीन के बाद ग्रामीणों ने तीनों किशोरों के शवों को पानी से बाहर निकाला। इसके तुरंत बाद परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से सभी को साहेबगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया गया, जहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया।

​एनडीआरएफ की लेट-लतीफी पर फूटा गुस्सा

​हादसे के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासनिक व्यवस्था और एनडीआरएफ की सुस्ती को लेकर गहरा आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की सूचना तुरंत देने के बावजूद एनडीआरएफ की टीम समय पर मौके पर नहीं पहुंची। यदि राहत और बचाव दल तुरंत पहुंच जाता, तो शायद बच्चों की जान बचाई जा सकती थी। समय पर मदद न मिलने के कारण ग्रामीणों को खुद ही अपनी जान जोखिम में डालकर शवों की तलाश करनी पड़ी।
​घटना की सूचना मिलते ही साहेबगंज थानाध्यक्ष सुनील कुमार दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया।

​इलाके में पसरा मातम और आगे की कार्रवाई

​इस दर्दनाक हादसे के बाद साहेबगंज नगर परिषद के वार्ड संख्या-8 समेत पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल है। तीनों किशोरों के घरों में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है।