नेपाल के सुनसरी जिले में कांवड़ यात्रा के दौरान भड़की सांप्रदायिक हिंसा और पुलिस फायरिंग में एक व्यक्ति की मौत के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। पिछले चार दिनों से जारी इस अशांति का सीधा असर भारत के सीमावर्ती बाजारों पर देखने को मिल रहा है। उपद्रव के बाद नेपाल के कई हिस्सों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू है, जिससे भारत-नेपाल सीमा पर आवाजाही ठप हो गई है।

​नेपाल के सुनसरी में कैसे भड़की हिंसा?

​सुनसरी जिले के देवानगंज गांवपालिका के अंतर्गत कप्तानगंज चौक पर 26 जुलाई की देर रात पिंडेश्वर धाम के लिए कांवड़ (बोलबम) यात्रा निकाली जा रही थी। इसी दौरान डीजे बजाने को लेकर हुआ मामूली विवाद हिंसक सांप्रदायिक झड़प में बदल गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए की गई नेपाल पुलिस की फायरिंग में ओमप्रकाश मेहता नामक युवक की मौत हो गई, जबकि नौ अन्य लोग घायल हो गए। इस घटना के विरोध में प्रदर्शन तेज होने पर 27 जुलाई से पूरे क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया गया है।

​भारतीय सीमावर्ती बाजारों पर भारी असर

​नेपाल से सटी भारतीय सीमा के नरपतगंज प्रखंड के फुलकाहा, बसमतिया, सोनापुर, घूरना और बेला के बाजार पूरी तरह नेपाल के ग्राहकों पर निर्भर हैं। नेपाल के देवानगंज, इनरवा, कप्तानगंज, हरिनगरा और भूतहा जैसे इलाकों से लोग किराना, कपड़ा, कॉस्मेटिक, बर्तन, दवाइयां और हार्डवेयर खरीदने इन बाजारों में आते थे।

  • ​कारोबार में भारी गिरावट: बॉर्डर पर आवागमन बंद होने से इन बाजारों का व्यापार 50 से 60 प्रतिशत तक घट गया है।
  • ​दैनिक बिक्री घटी: स्थानीय व्यापारियों (जैसे राजेश भगत, आनंद साहा, अशोक दास आदि) के अनुसार, जो दुकानें प्रतिदिन 40 से 50 हजार रुपये का कारोबार करती थीं, वे अब सिमटकर मात्र 5 से 10 हजार रुपये पर आ गई हैं।
  • ​अन्य क्षेत्रों पर प्रभाव: इसका आंशिक असर सिकटी और कुर्साकांटा के मेघा, आमबाड़ी व सोनामनी गोदाम बाजारों पर भी पड़ा है। हालांकि, जोगबनी मुख्य सीमा पर स्थिति सामान्य बनी हुई है और वहां व्यापार पर कोई असर नहीं है।

​सुरक्षा एजेंसियां सतर्क और समन्वय बैठक

​सीमा पर बढ़ते तनाव को देखते हुए भारतीय क्षेत्र में चौकसी बढ़ा दी गई है। बुधवार शाम जोगबनी सीमा के बीसीपी गेट पर एसएसबी 56वीं वाहिनी के द्वितीय कमान अधिकारी नितिन कुमार गुप्ता और नेपाल एपीएफ (APF) के अधिकारियों के बीच एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक हुई। इसमें सुरक्षा स्थिति की समीक्षा, उपद्रवियों की पहचान, सीमा पार आवाजाही रोकने और अफवाहों पर नियंत्रण के लिए संयुक्त गश्त पर चर्चा की गई।