खाटू श्याम जी के दर्शन कर दिल्ली लौट रहे एक परिवार के साथ ट्रैवल एजेंसी की ओर से की गई धोखाधड़ी और बदसलूकी के मामले में उत्तर-पूर्वी जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। यात्रियों से स्लीपर सीट का पूरा किराया वसूलने के बावजूद उन्हें आरक्षित सीट उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके बजाय उन्हें प्लास्टिक के स्टूल पर बैठाकर सफर कराया गया और बाद में आधी रात को बीच रास्ते में छोड़ दिया गया। आयोग ने ट्रैवल एजेंसी शक्ति ट्रैवल्स और बस मालिक की इस कार्रवाई को सेवा में कमी माना। आयोग ने दोनों को संयुक्त रूप से पीड़ित परिवार को कुल 20 हजार रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है। इस राशि पर 9 फीसदी वार्षिक ब्याज भी देना होगा।

स्लीपर सीट के नाम पर वसूला पूरा किराया

मामले के अनुसार, परिवार ने खाटू श्याम जी के दर्शन के बाद दिल्ली लौटने के लिए ट्रैवल एजेंसी की बस में स्लीपर सीटें बुक कराई थीं। इसके लिए यात्रियों से निर्धारित किराया भी लिया गया। हालांकि सफर के दौरान उन्हें उनकी आरक्षित स्लीपर सीटें नहीं दी गईं। आरोप है कि यात्रियों को सीट के बजाय प्लास्टिक के स्टूल पर बैठाकर यात्रा करने के लिए मजबूर किया गया। इससे परिवार को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं, यात्रा के दौरान उनके साथ कथित तौर पर बदसलूकी भी की गई।

नया साल मनाकर परिवार के साथ लौट रहे थे

मामला ब्रह्मपुरी निवासी राजेंद्र सिंह तोमर और उनके परिवार से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, नया साल मनाने के बाद परिवार के साथ दिल्ली लौटने के लिए राजेंद्र ने 1 जनवरी 2025 को शक्ति ट्रैवल्स की स्लीपर बस में छह सीटें बुक कराई थीं। इसके लिए उन्होंने 4,800 रुपये का भुगतान किया था। आरोप है कि बस को सुबह 11 बजे रवाना होना था, लेकिन वह करीब ढाई घंटे की देरी से दोपहर 1:30 बजे रवाना हुई। इससे यात्रियों को शुरुआत से ही परेशानी का सामना करना पड़ा।

ऑनलाइन बुकिंग का हवाला देकर सीटें खाली कराईं

शिकायत के मुताबिक, सफर शुरू होने के कुछ समय बाद बस कंडक्टर ने ऑनलाइन बुकिंग के जरिये अन्य यात्रियों को सीटें आवंटित किए जाने का हवाला दिया। इसके बाद राजेंद्र और उनके परिवार से उनकी आरक्षित स्लीपर सीटें खाली करा ली गईं। आरक्षित सीटें लेने के बाद परिवार को प्लास्टिक के स्टूल पर बैठाकर यात्रा करने के लिए मजबूर किया गया। स्लीपर सीट का पूरा किराया चुकाने के बावजूद इस तरह सफर कराने से परिवार को पूरी यात्रा के दौरान असुविधा का सामना करना पड़ा।

नया साल मनाकर परिवार के साथ लौट रहे थे

मामला ब्रह्मपुरी निवासी राजेंद्र सिंह तोमर और उनके परिवार से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, नया साल मनाने के बाद परिवार के साथ दिल्ली लौटने के लिए राजेंद्र ने 1 जनवरी 2025 को शक्ति ट्रैवल्स की स्लीपर बस में छह सीटें बुक कराई थीं। इसके लिए उन्होंने 4,800 रुपये का भुगतान किया था। आरोप है कि बस को सुबह 11 बजे रवाना होना था, लेकिन वह करीब ढाई घंटे की देरी से दोपहर 1:30 बजे रवाना हुई। सफर शुरू होने के कुछ समय बाद बस कंडक्टर ने ऑनलाइन बुकिंग के जरिये अन्य यात्रियों को सीटें आवंटित किए जाने का हवाला दिया। इसके बाद राजेंद्र और उनके परिवार से उनकी आरक्षित स्लीपर सीटें खाली करा ली गईं। आरक्षित सीटें लेने के बाद परिवार को प्लास्टिक के स्टूल पर बैठाकर यात्रा करने के लिए मजबूर किया गया। स्लीपर सीट का पूरा किराया चुकाने के बावजूद इस तरह सफर कराने से परिवार को पूरी यात्रा के दौरान असुविधा का सामना करना पड़ा।

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