नूंह शहर के पटेल वाटिका के पीछे डंप किए गए कूड़े के विशाल ढेर में अचानक भीषण आग लगने से चारों तरफ जहरीला धुआं फैल गया है। इस कचरा संकट के कारण स्थानीय निवासियों को सांस लेने में भारी तकलीफ और आंखों में गंभीर जलन का सामना करना पड़ रहा है।
सोनू वर्मा, नूंह। शहर के प्रसिद्ध पटेल वाटिका के पीछे पड़े मुख्य कूड़े के ढेर में लगातार आग लगने के कारण आसपास का पूरा आवासीय क्षेत्र भीषण और जहरीले धुएं की चपेट में आ गया है। इस डंपिंग यार्ड में बार-बार सुलगने वाली आग के कारण हवा की गुणवत्ता बेहद खराब स्तर पर पहुंच चुकी है, जिससे न केवल पास की कॉलोनियों के निवासियों के लिए भारी परेशानी खड़ी हो रही है, बल्कि पूरे नूंह शहर का वातावरण भी तेजी से प्रदूषित हो रहा है। अचानक उत्पन्न हुए इस पर्यावरण संकट की वजह से स्थानीय नागरिकों और राहगीरों का वहां से गुजरना भी दूभर हो गया है।
हवा में फैली जहरीली गैस
शहरी नागरिकों के अनुसार कूड़े के पहाड़ में बार-बार आग लगने की वजह से वायुमंडल में अत्यधिक जहरीली गैसें और सघन धुआं फैल रहा है। इसके सीधे दुष्प्रभाव से स्थानीय लोगों को सांस लेने में भारी दिक्कत, आंखों में लगातार जलन और अन्य गंभीर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा काफी ज्यादा बढ़ गया है। कॉलोनियों के जागरूक लोगों का साफ कहना है कि यदि प्रशासन द्वारा समय रहते इस डंपिंग यार्ड की समस्या का कोई स्थायी वैज्ञानिक समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में इसका बेहद जानलेवा असर पूरे नूंह शहर की बड़ी आबादी के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।
कचरा निस्तारण की उचित मांग
स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि रिहायशी इलाके के पास मौजूद कूड़े के इस विशाल ढेर को तत्काल यहां से हटाया जाए और भविष्य में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। इसके साथ ही शहरवासियों ने सामाजिक संगठनों, समाजसेवियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी पर्यावरण सुरक्षा के इस गंभीर मुद्दे पर आगे आने की विशेष अपील की है। लोगों ने राज्य सरकार और संबंधित नगर परिषद विभाग से जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई करते हुए कूड़ा निस्तारण की आधुनिक व्यवस्था लागू करने और इस दूषित स्थान को पूरी तरह साफ कराने की गुहार लगाई है।