केरल के नए मुख्यमंत्री वीडी सतीशन द्वारा किये गए एक प्रशासनिक नियुक्ति को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद शुरू हो गया. बंगाल की तर्ज पर यहां भी मुखयमंती वीडी सतीशन ने राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) रतन यू केलकर को अपना सचिव बना लिया है. सीएम सतीशन के इस कदम से वह अब विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं. BJP और CPI(M) दोनों ही पार्टियों ने इस फैसले को लेकर कांग्रेस पर “दोहरा रवैया” अपनाने का आरोप लगाया है.

बता दें कि, रतन यू केलकर 2003 बैच के IAS अधिकारी हैं. उन्होंने हाल ही में हुए केरल विधानसभा चुनाव में मुख्य चुनाव अधिकारी के तौर पर पूरी चुनाव प्रक्रिया की निगरानी की थी. अब राज्य सरकार ने उनका तबादला कर उन्हें मुख्यमंत्री का सचिव नियुक्त कर दिया है. राज्य सरकार की तरफ से जारी आदेश में कहा गया कि रतन यू केलकर को मुख्य चुनाव अधिकारी और चुनाव विभाग के सचिव पद से हटाकर मुख्यमंत्री कार्यालय में सचिव बनाया जा रहा है. इस फैसले के सामने आते ही विपक्षी दलों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए.

CPI(M) ने क्या कहा?

CPI(M) ने इस नियुक्ति को लेकर गंभीर सवाल उठाए. पार्टी ने कहा कि केरल में चुनाव खत्म होने के तुरंत बाद इस तरह की नियुक्ति पहले कभी नहीं हुई. पार्टी ने यह भी पूछा कि क्या यह चुनाव के दौरान दी गई सेवाओं का इनाम है. CPI(M) का आरोप है कि विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग के कुछ फैसले UDF यानी कांग्रेस गठबंधन के पक्ष में दिखाई दिए थे. पार्टी ने कहा कि अब यह नई नियुक्ति उन संदेहों को और बढ़ाती है. लेफ्ट पार्टी ने कई मुद्दों का जिक्र किया, जिनमें राजनीतिक दलों को भेजे गए दस्तावेजों पर गलत सील दिखना, वोटर लिस्ट से नाम हटाने की शिकायतें, मतदान प्रतिशत जारी करने में देरी और स्ट्रॉन्ग रूम से जुड़ी शिकायतें शामिल हैं. पार्टी का कहना है कि इससे चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं.

BJP ने कांग्रेस पर लगाया पाखंड का आरोप

BJP ने भी इस मुद्दे पर कांग्रेस की घेराबंदी की. पार्टी के वरिष्ठ नेता के सुरेंद्रन ने कहा कि जब BJP शासित राज्यों में ऐसी नियुक्तियां होती हैं, तब कांग्रेस उसे गलत बताती है, लेकिन केरल में वही काम सही बताया जा रहा है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि पश्चिम बंगाल में इसी तरह के मामले पर कांग्रेस ने चुनाव आयोग और BJP की मिलीभगत का आरोप लगाया था, लेकिन अब केरल में कांग्रेस खुद वैसा ही कर रही है.

राहुल गांधी के पुराने बयान भी आए चर्चा में

यह विवाद इसलिए भी बढ़ गया क्योंकि राहुल गांधी पहले पश्चिम बंगाल में एक पूर्व चुनाव अधिकारी की सरकारी नियुक्ति को लेकर BJP पर हमला कर चुके हैं. उन्होंने तब कहा था कि जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम. अब BJP और CPI(M) कांग्रेस से पूछ रहे हैं कि केरल मामले में उसका रुख अलग क्यों है.

कांग्रेस ने आरोपों को किया खारिज

कांग्रेस ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है. केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और राज्य के बिजली मंत्री सनी जोसेफ ने कहा कि इस नियुक्ति के पीछे कोई राजनीति नहीं है. उन्होंने कहा कि रतन यू केलकर एक अनुभवी और सक्षम अधिकारी हैं और सरकार को यह अधिकार है कि वह किसी भी अधिकारी को प्रशासनिक जिम्मेदारी दे. राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने भी इस फैसले का बचाव किया. उन्होंने कहा कि सरकार के पास योग्य अधिकारियों को महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त करने का पूरा अधिकार है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है.

क्यों अहम माना जा रहा है मामला?

इस पूरे विवाद की सबसे बड़ी वजह यह है कि रतन यू केलकर ने हाल ही में चुनाव प्रक्रिया की निगरानी की थी. ऐसे में चुनाव खत्म होने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री कार्यालय में उनकी नियुक्ति को विपक्ष सवालों के घेरे में रख रहा है. अब यह मामला केरल की राजनीति में बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है और आने वाले दिनों में इस पर और राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिल सकती है.

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