पेपर लीक मामले में संसद मार्च के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. कांग्रेस से सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केरल के वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी पीएम आवास के करीब और जंतर-मंतर पर धरने पर बैठ गए हैं. उनके साथ बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी शामिल हैं.

बता दें कि, पीएम आवास के नजदीक होने की वजह से पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास करती दिखाई दे रही है. इस बीच कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया गया है. पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणदास चन्नी को भी हिरासत में लिया गया है. प्रदर्शनकारी पीएम मोदी से मिलना चाहते हैं.

राहुल गांधी ने सवाल पूछे, पूरा देश जानता हैं कि एजुकेशन सिस्टम टूट चुका है, पर फिर भी ये अभी तक चल रहा है. प्रधानमंत्री चुप क्यों हैं, क्या कारण है? उन्हें छात्रों से माफी मांगनी चाहिए और पुलिसकर्मियों द्वारा छात्रों की पिटाई करने की इस हरकत को रोकना चाहिए, ये पूरी तरह से गलत है.

राहुल गांधी ने पूछा सवाल

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज पहले स्पीकर ओम बिरला से मिले थे और लोकसभा में NEET पेपर लीक पर चर्चा की मांग की थी. इसके बाद, राहुल गांधी अपनी बहन प्रियंका गांधी के साथ RML अस्पताल पहुंचे. जहां घायल प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना. राहुल गांधी इसे लेकर सरकार पर हमलावर हैं और धर्मेंद्र प्रधान के साथ गृहमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.

राहुल गांधी ने कहा, धर्मेंद्र प्रधान तो एक मध्यस्थ हैं और उन्हें निश्चित रूप से इस्तीफ़ा देना चाहिए, लेकिन छात्रों की पिटाई, धर्मेंद्र प्रधान ने नहीं की है, ऐसा गृह मंत्री ने किया है और उन्हें भी इस्तीफ़ा देना चाहिए और गृह मंत्री प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करते हैं. तो पीएम को भी इस लिहाज से इस्तीफ़ा देना चाहिए. देश में आखिर ये सब क्या हो रहा है.

छात्रों के समर्थन में विपक्ष का प्रदर्शन

बता दें कि, विपक्ष का लगातार आरोप रहा है कि पेपर लीक की लगातार सामने आ रही घटनाओं ने देश की परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. प्रदर्शनकारियों ने छात्रों के भविष्य और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर केंद्र सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए.

विपक्ष ने केंद्र सरकार से देश की परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार लागू करने की मांग की है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मजबूत और प्रभावी व्यवस्था तैयार की जानी चाहिए, ताकि छात्रों का भरोसा बहाल हो सके.

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