कुंदन कुमार, पटना। शहर में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। गांधी घाट पर गंगा नदी का जलस्तर अपने सभी पिछले रिकॉर्ड को पार करते हुए खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। जल संसाधन विभाग के मंत्री विजय चौधरी ने इस संबंध में बड़ा बयान देते हुए पुष्टि की है कि आज सुबह साढ़े दस बजे गंगा नदी ने वर्ष 2016 के अपने उच्चतम जलस्तर के रिकॉर्ड को भी पार कर लिया है। नदी के इस तरह लगातार उफान पर होने से पटना के निचले इलाकों और तटीय क्षेत्रों में पानी घुसने का खतरा काफी बढ़ गया है, जिसे लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।

​प्रशासनिक तैयारियां और अधिकारियों की तैनाती

​बढ़ते खतरे के मद्देनजर सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह सक्रिय मोड में आ गए हैं। जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने स्पष्ट किया है कि पूरी स्थिति पर उच्च स्तर से लगातार नजर रखी जा रही है। हर संवेदनशील और खतरे वाले स्थान पर प्रशासनिक अधिकारियों और विशेष टीमों को तैनात कर दिया गया है। बाढ़ की किसी भी विकट परिस्थिति से निपटने के लिए सरकार की तैयारियां पूरी हैं। प्रशासन लगातार तटीय इलाकों के हालात की समीक्षा कर रहा है ताकि समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके और किसी भी संभावित नुकसान को टाला जा सके।

​मंत्रिमंडल उप-समिति की अहम बैठक और बायलॉज पर चर्चा

​दूसरी ओर, बाढ़ और सुरक्षा समीक्षा के बीच आज बिहार सरकार के द्वारा मंत्रिमंडल उप-समिति की एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। यह विशेष समिति मुख्य रूप से भवन निर्माण के बायलॉज में सुधार और रूपरेखा तैयार करने के लिए बनाई गई है। इस बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण और दूरगामी विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। समिति के सदस्यों और विशेषज्ञों द्वारा रखे गए कई रचनात्मक सुझावों को सरकार ने स्वीकार कर लिया है। सरकार इन स्वीकृत सुझावों पर जल्द ही आगे की कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू करेगी।