Supreme court On Pawan Khera: इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। CM हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) की पत्नी रिनिकी भुयन सरमा (Riniki Bhuyan Sharma) के 3 पासपोर्ट वाले मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। देश के शीर्ष न्यायालय ने तेलंगाना हाईकोर्ट (Telangana High Court) के अंतरिम जमानत के फैसले पर रोक लगा दी है। ⁠असम सरकार की याचिका पर नोटिस उनको नोटिस जारी किया गया है। असम सरकार ने तेलंगाना हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष न्यायालय ने पवन खेड़ के अंतरिम जमानत के फैसले पर लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद पवन खेड़ा पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। कांग्रेस नेता को असम पुलिस कभी भी गिरफ्तार कर सकती है।

बता दें कि 10 अप्रैल को तेलंगाना हाई कोर्ट ने पवन खेड़ा को एक हफ्ते की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी। जिसके बाद असम सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

दरअसल असम सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में तर्क दिया था कि पवन खेड़ा के खिलाफ लगाए गए आरोप गंभीर हैं और उन्हें इस तरह की राहत नहीं मिलनी चाहिए।  सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस चंदुरकर की बेंच ने पवन खेड़ा को ट्रांजिट अग्रिम जमानत देने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की। असम सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि घटना असम में हुई, FIR असम में हुई ⁠तो तेलंगाना हाईकोर्ट ने ट्रांजिट अग्रिम जमानत क्यों दी।

कोर्ट में असम सरकार के तर्क

तुषार मेहता ने कहा कि आधार कार्ड के मुताबिक उनकी पत्नी भी दिल्ली में रहती हैं। किसी की भी दस राज्यों में संपत्ति हो सकती है। ⁠ये एक तरह की फोरम शॉपिंग है। ये पूरी तरह प्रक्रिया का दुरुपयोग है। इसमें ये भी नहीं बताया गया कि वो असम क्यों नहीं जा सकते। तुषार मेहता ने कहा कि यह बिना अधिकार क्षेत्र के एंटीसिपेटरी बेल देने का मामला है। तेलंगाना क्यों? तेलंगाना HC के पास एंटीसिपेटरी बेल देने का अधिकार क्षेत्र नहीं था क्योंकि क्राइम असम में रजिस्टर्ड है। अब अदालत ने खेड़ा की ट्रांजिट अग्रिम जमानत वाले हाई कोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया है।

पते पर फंसा था पेच
दरअसल, तेलंगाना हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया था कि याचिकाकर्ता की ओर से पेश किए गए दस्तावेजों में उनकी पत्नी नीलिमा का पता दिल्ली का बताया गया है। इस पर कोर्ट ने सवाल उठाया कि जब स्थायी पता दिल्ली का है, तो फिर तेलंगाना हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने का आधार क्या है। इसी को लेकर कोर्ट ने ज्यूरिस्डिक्शन पर स्पष्टता मांगी. कोर्ट ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई में कोटा नीलिमा (खेड़ा की पत्नी) का नवीनतम आधार कार्ड पेश किया जाए, ताकि यह साफ हो सके कि उनका वर्तमान निवास कहां है और याचिका इस कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आती है या नहीं।

पवन खेड़ा ने क्या आरोप लगाए थे

दरअसल कांग्रेस के मीडिया सेल के प्रमुख पवन खेड़ा ने 5 अप्रैल को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पारिवारिक संपत्ति और वित्तीय लेन-देन को लेकर उनपर और उनकी पत्नी पर कई आरोप लगाएं थे। इसके साथ, उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी के पास तीन अलग-अलग पासपोर्ट कैसे हैं? उनको तीन पासपोर्ट रखने की क्या जरूरत है? क्या वे कोई अपराधी हैं?’

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हिमंता बिस्वा सरमा के पास के भी एक से ज्यादा पासपोर्ट मौजूद हैं? क्या वे असम चुनाव हारने के बाद कहीं भागने की तैयारी में हैं? उन्होंने असम सीएम पर आरोप लगाते हुए कहा, ‘हिमंता बिस्वा सरमा की पूरी राजनीति मुसलमानों के खिलाफ नफरत पर आधारित है, लेकिन उनकी पत्नी दो मुस्लिम देशों के पासपोर्ट रखती हैं, कैसे? भारत के कानून के हिसाब से आप दोहरी नागरिकता नहीं रख सकते, तो क्या रिंकी भुइयां सरमा भारत का पासपोर्ट भी रखती हैं? क्या देश के गृहमंत्री अमित शाह को ये जानकारी थी कि उनके दत्तक पुत्र की पत्नी 3 पासपोर्ट रखती हैं? गृहमंत्री अमित शाह जवाब दें- क्या वो SIT बिठाकर इस मामले की जांच कराएंगे?’

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