पटियाला। पंजाब में पराली जलाने के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। मनाही के बाद भी लोग धड़ल्ले से पलारी जला रहे है इससे हवा में प्रदूषण बेहद तेजी से बढ़ते जा रहा है। जानकारी के अनुसार पीछे हफ्ते की तुलना में इस हफ्ते दोगुने केस देखे गए हैं। सोमवार को राज्य में इस सीजन में एक दिन में सबसे अधिक 147 स्थानों पर पराली जली थी। हालांकि, मंगलवार को 43 मामले ही सामने आए, लेकिन पिछले एक सप्ताह में पराली को आग लगाने का कुल आंकड़ा दो गुना से भी अधिक बढ़ गया है।
प्रशासन ने पलारी जलाने को रोकने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। लगातार इसे लेकर सर्चिंग भी की जाती रही है लेकिन इसके बाद भी लोग पलारी जला रहे हैं। हालात यह हैं कि 15 सितंबर से 20 अक्टूबर तक 35 दिन में 353 जगह पराली जलाई गई थी, लेकिन 21 अक्टूबर के बाद एक सप्ताह में ही 580 मामले सामने आ गए। अब तक कुल 933 मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि यह भी पिछले वर्ष के मुकाबले 57 प्रतिशत कम है। धुएं से हवा की गुणवत्ता भी हो रही प्रभावित राज्य में बिगड़ती हवा की गुणवत्ता भी चिंता का विषय है।

पराली जलाने की घटनाओं में वृद्धि के कारण प्रमुख शहरों में वायु गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। दीवाली के बाद अमृतसर और जालंधर में एअर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) 500 के पार पहुंच गया था, जबकि लुधियाना की हवा की गुणवत्ता भी गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई थी। मंगलवार को अमृतसर में एक्यूआइ 187, बठिंडा में 111, जालंधर में 132, लुधियाना में 139, मंडी गोबिंदगढ़ में 167 और पटियाला में 121 दर्ज किया गया।
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