Dharm Desk – ज्येष्ठ अधिक मास की कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि आज 8 जून को कालाष्टमी के रूप में मनाई जा रही है. यह दिन भगवान शिव के रौद्र स्वरूप काल भैरव को समर्पित होता है. काल भैरव अपने भक्तों की हर प्रकार के भय, संकट और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करते है. अधिक मास में पड़ने के कारण इस बार की कालाष्टमी और भी अधिक पुण्य देने वाली है. जिससे आज किए गए उपाय कई गुना फल देने वाले माने जा रहे है.

सूर्यास्त के बाद करें विशेष पूजा

कालाष्टमी की पूजा का सबसे शुभ समय सूर्यास्त के बाद माना जाता है. आज गोधूली मुहूर्त शाम 7:16 बजे से 7:36 बजे तक रहेगा, जबकि सायं संध्या का समय 7:17 बजे से 8:18 बजे तक रहेगा. इस दौरान की गई पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है.

महाउपाय: कालभैरवाष्टक का पाठ

आज के दिन काल भैरव को प्रसन्न करने के लिए ‘कालभैरवाष्टकम्’ का पाठ सबसे प्रभावी उपाय है. यदि यह संभव न हो तो श्रद्धा से भैरव चालीसा का पाठ भी किया जा सकता है. इससे मनचाही मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है.

कालाष्टमी पर करें ये 5 खास उपाय

  1. काले कुत्ते को खिलाएं भोजन – काल भैरव का वाहन काला कुत्ता माना जाता है. शाम के समय काले कुत्ते को मीठी रोटी, गुड़ या बिस्कुट खिलाना अत्यंत लाभकारी होता है. इससे राहु-केतु दोष शांत होते हैं और दुर्घटनाओं से रक्षा होती है.
  2. सरसों के तेल का चौमुखी दीपक जलाएं – रात में भैरव मंदिर या घर के मुख्य द्वार पर सरसों के तेल का चार मुख वाला दीपक जलाएं. इससे नकारात्मक ऊर्जा और नजर दोष दूर होता है और रुके हुए कार्य पूरे होने लगते हैं.
  3. भैरव अष्टक का पाठ करें – यदि शत्रु परेशान कर रहे हों या कानूनी अड़चनें हों, तो भैरव जी के सामने बैठकर ‘कालभैरव अष्टक’ का पाठ करे. इससे आत्मबल बढ़ता है और विजय प्राप्त होती है.
  4. विशेष मंत्र का 108 बार जप – ओम ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ओम नमः शिवाय मंत्र का कम से कम 108 बार जप करे, यह उपाय जीवन के बड़े संकटों को दूर करने में सहायक माना जाता है.
  5. इन बातों का रखें खास ध्यान – कालाष्टमी के दिन सात्विकता बनाए रखें. मांस, मदिरा और तामसिक भोजन से दूर रहें. किसी का बुरा सोचकर उपाय न करे, गरीब या असहाय व्यक्ति का अपमान भूलकर भी न करें.

क्यों खास है यह कालाष्टमी?

ज्योतिष शास्त्र में काल भैरव को कलियुग का जागृत देवता और काशी का कोतवाल कहा गया है. मान्यता है कि इस दिन किए गए उपाय शत्रुओं का नाश करते हैं, राहु-केतु के दोषों से मुक्ति दिलाते हैं. अधिकमास में होने के कारण आज की कालाष्टमी साधना और भी अधिक प्रभावशाली मानी जा रही है.