PoK PM Faisal Mumtaz Rathore Hits Back At Khawaja Asif: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ अपने बड़बोलेपन के कारण जाने जाते हैं। इनका सिर्फ एक ही काम है, भारत को गीदड़भभकी देना। हालांकि पाकिस्तान के बड़बोले रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ इस बार पाक अधिकृत कश्मीर यानी पीओके पर दिए बयान के कारण बुरे फंस गए हैं। उनके बयान के कारण PoK में पाकिस्तान सरकार और पाकिस्तानी सेना के खिलाफ पिछले 17 दिन से प्रदर्शन हो रहा है। पीओके के नागरिक पाकिस्तान से आजादी की मांग कर रहे हैं। वहीं अब PoK के प्रधानमंत्री फैसल मुमताज राठौर (Faisal Mumtaz Rathore) ने आसिफ पर तीखा हमला बोला है।

पीओके के प्रधानमंत्री ने आसिफ से बयान पर सार्वजनिक माफी की मांग करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को अपनी पहचान साबित करने के लिए किसी की मंजूरी की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान लोगों को जोड़ने के बजाय समाज में और ज्यादा विभाजन पैदा कर रहे हैं।

दरअसल विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब ख्वाजा आसिफ ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि PoK के रावलाकोट और मीरपुर के रहने वाले लोग ‘असल कश्मीरी नहीं हैं। उनके इस बयान के बाद पाकिस्तान और PoK में राजनीतिक विवाद शुरू हो गया। उनके बयान और पीओके में पाकिस्तान के जुल्म को लेकर विरोध शुरू हो गया। पीओके के लोग पिछले 17 दिन से पाकिस्तान सरकार और पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं पीएम शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ मुनीर प्रदर्शन को कुचलने के लिए हर हथकंडे अपना रहा है। प्रदर्शन को कुचलने के लिए PoK में खाना-दवा, ईंधन सभी पर नाकेबंदी लगा दी है।

अब PoK के प्रधानमंत्री फैसल मुमताज राठौर ने आसिफ पर तीखा हमला बोला है। राठौर ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- जम्मू और कश्मीर के लोगों को पाकिस्तान के डिफेंस मिनिस्टर @KhawajaMAsif या किसी और से अपनी पहचान के वैलिडेशन की ज़रूरत नहीं है। उनके जैसे बूमर्स और उनकी हरकतें लोगों को करीब लाने के बजाय फूट डाल रही हैं। अपनी गलतियों पर रिएक्शन देखने के बाद, वह अब आज़ाद जम्मू और कश्मीर के गवर्नेंस में कमियां निकालकर उसे छिपा रहे हैं। सर, अपने ऊपर वालों से पूछिए और वे आपको बताएंगे कि हमने कितना अच्छा गवर्नेंस किया है। ज़्यादा इज्ज़तदार काम यह होगा कि आप मुद्दे पर बात करें और हमारे गवर्नेंस को बलि का बकरा बनाने के बजाय अपनी असली बातों के लिए माफी मांगें।

माफी से किया इनकार
इधर बढ़ते विवाद के बावजूद ख्वाजा आसिफ अपने बयान से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने साफ कहा कि वह माफी नहीं मांगेंगे। आसीफ ने कहा कि मैंने पहले भी माफी नहीं मांगी थी और अब भी नहीं मांगूंगा।

58 लोगों को मौत के घाट उतार चुकी पाकिस्तानी सेना

पिछले 16 दिन पूरा PoK बंद है और घरों से निकल कर लोग रावलकोट में धरने पर बैठे हैं। पाकिस्तानी सेना पिछले 16 दिनों में 58 लोगों को मौत के घाट उतार चुकी है। पाकिस्तान की सरकार विद्रोह की आग को कुचलने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है।  इसी कड़ी में विद्रोह में भाग लेने के आरोप में एक साथ 128 सरकारी कर्मचारियों को PoK की कठपुतली सरकार ने आज नौकरी से बर्खास्त कर दिया। प्रदर्शन के आयोजकों और संगठन को आतंकी घोषित कर चुकी है। प्रदर्शन में शामिल और मदद करने वाले 150 लोगो को आतंकी करार दे चुकी है। उसके बाद भी PoK में विद्रोह रुकने का नाम नहीं ले रहा है।

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