मध्य प्रदेश सरकार ने UCC का पहला चरण पार कर लिया है। कैबिनेट बैठक में ऐतिहासिक फैसला लेते हुए मंत्रिमंडल ने समान नागरिक संहिता कानून के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी है। अब उनका अगला कदम विधानसभा में इसे पास करना है। सर्वसम्मति से पारित होते ही पूरे प्रदेश में इसे लागू कर दिया जाएगा। इस फैसले को लेकर सत्ताधारी दल में खुशी की लहर है वहीं विपक्ष ने इसे तमाशा बताते हुए खुलकर विरोध व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अलग-अलग धर्म के लोगों के लिए एक नियम होने की बात कही है। जानिए प्रदेश में इसे लेकर सियासी धुरंधरों ने क्या कहा है…
5 बीवी 25 बच्चे की व्यवस्था अब खत्म होगी- विधायक रामेश्वर शर्मा
शब्बीर अहमद। विधायक रामेश्वर शर्मा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में UCC लागू करने की दिशा में बड़ा कदम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के विजन को मध्य प्रदेश ने आगे बढ़ाया है। मध्य प्रदेश सरकार ने UCC को कैबिनेट से मंजूरी देकर ऐतिहासिक निर्णय लिया। अब सभी नागरिकों के लिए समान वैवाहिक व्यवस्था लागू होगी। एक से अधिक विवाह पर रोक का प्रावधान लागू होने की दिशा में बड़ा कदम। UCC से जनसंख्या संतुलन और संसाधनों के बेहतर उपयोग में मदद मिलेगी। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के बेहतर अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण फैसला। 5 बीवी 25 बच्चे की व्यवस्था अब खत्म होगी। यह निर्णय मध्य प्रदेश और देशहित में ऐतिहासिक साबित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्य सरकार को ऐतिहासिक फैसले पर हार्दिक बधाई।
सीएम ने समान अधिकार का ऋग्वेद में उल्लेख होने की कही बात
शिखिल ब्यौहार। सीएम डॉ. मोहन यादव ने इस पर कहा, ‘भोपाल की राजधानी पुरातन का एक केंद्र है। जगदीशपुर इतिहास को धुंधला करने का प्रयास किया गया। परमार राजवंश के साथ जोड़कर भोपाल का अतीत है। आज यहां पर आए हुए हैं। सनातन संस्कृति की ढाल बनाकर इसका एक अपना अतीत रहा है। गोंड साम्राज्य से भी इसका पुराना नाता है। इस स्थान से काला अध्याय भी जुड़ा है। रानी कमलापति ने अद्भुत साहस दिखाया था। अफगान सरदार दोस्त मोहम्मद खान छल किया था।
आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। आज समान नागरिक संहिता का अनुमोदन हुआ है। राम रहीम के लिए एक नियम होंगे। इस अधिनियम को लागू करने से पहले आम जनता से रायशुमारी की गई। 2 महीने पहले संहिता को लेकर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश रंजना देसाई की अध्यक्षता में कमेटी बनाई बैठक कर भोपाल में राज्य स्तरीय परामर्श हुआ।
भोपाल के राज्य स्तरीय विचार मंथन में सभी लोगों ने हिस्सा लिया। आप पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टी सब आए लेकिन कांग्रेस के लोग नहीं आए। कांग्रेस को हिंदू-मुसलमान के वोट में क्या दिखता है ? उन्हें एक संविधान एक निशान में दिक्कत होती है। कांग्रेस की कांग्रेस जाने। हमने आगे बढ़ने का संकल्प लिया है। 80% मुस्लिम महिलाओं ने समान नागरिक संहिता का समर्थन किया है। 40% मुस्लिम भाइयों ने भी इसका समर्थन किया है। उनसे जब हमने प्रश्न किया कि आखिर आप कैसे समर्थन कर रहे हैं तो उन्होंने कहा हमारी भी भाई है बहाने हैं महिलाएं हैं। 20 जुलाई को शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा।ऋग्वेद में कहा गया है कि हमारा समाज समान हो। जब प्रकृति भेद नहीं करती तो फिर ऐसे नियमों में भेद क्यों ? मैं डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के चरणों में नमन करता हूं। उन्होंने संविधान में समान अवसर का मार्ग प्रशस्त किया। राम रहीम रविंद्र और रॉबिन सब एक होंगे सबके लिए एक से नियम होंगे।
सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना देसाई की अध्यक्षता में कई वर्गों के विशेषज्ञों को शामिल किया गया। कई राज्यों के मॉडलों का अध्ययन किया गया। कई संस्थानों से सुझाव दिए गए पोर्टल बनाया गया। कई लोगों ने यह भी सुझाव दिया कि महिला-पुरुषों की संपत्तियों में समान अधिकार होना चाहिए। विवाह एक ही हो सकेगा। जब तक कानून संबंध विच्छेद नहीं करेगा तब तक एक ही विवाह माना जाएगा। शब्दों से कोई संबंध विकसित नहीं किया जा सकेगा।तलाक-तलाक-तलाक नहीं चलेगा। उत्तराधिकारी से ही अधिकारों में बढ़ते रहेंगे।
उत्तराधिकार के कानून में महिला और पुरुषों के अधिकार समान होंगे। पहले महिलाओं के अधिकार अधिक होते थे अब ऐसा नहीं होगा। लिव इन रिलेशनशिप में रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। ऐसे ही रह नहीं सकेंगे। यदि उनका विवाह होगा फिर इससे बाहर होंगे। हम किसी धर्म को नीचा नहीं दिख रहे हैं। सभी धर्म के सम्मान को बराबरी के अधिकार को लेकर इसे लागू किया जा रहा है। महिला सशक्तिकरण के लिए यह उल्लेखनीय कदम है। कुप्रथा को रोकने का प्रयास किया है। आदिवासियों को घुमंतू जातियों को इससे बाहर रखा गया है। विवाह के लिए महिलाओं की आयु 18 वर्ष पुरुष के लिए 21 वर्ष न्यूनतम आयु है। पंचायत से लेकर शहरी तक रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। यदि जीवन साथी कानूनी रूप से है तो दूसरा विवाह नहीं होगा। न्यायालय के बाहर विवाह विच्छेद नहीं किया जा सकेगा। संपत्ति का बंटवारा नियमों के आधार पर होगा। लिविंग रिलेशनशिप के नियमों को न मानने पर 5 साल की सजा होगी।इसे हमने पहले भी लागू किया है और लागू कर रहे हैं। आपातकालीन विधायक 2026 सदन में आएगा इसे भी पारित किया गया है।
निजी विश्वविद्यालय संशोधन नियम 2026 को पारित किया गया है। पहले एक मेडिकल यूनिवर्सिटी थी, अब इसे तोड़कर तो करेंगे। जबलपुर के मेडिकल को एम्स की तर्ज पर अस्पताल के रूप में परिवर्तित किया जाएगा। बहुउद्देशीय विश्वविद्यालय की ओर अब चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेंगे। राजमार्ग संशोधन अधिनियम भी लाया जाएगा। श्रम संहिता कानून में भी संशोधन विधानसभा सत्र में ले जाएंगे। आजादी के पहले के कानून जल अनुपयोगी हुए हैं सभी को लेकर निर्णय हुए।
जनसंघ के सपने हो रहे पूरे- कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना
UCC को कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने कहा कि यूसीसी प्रदेश का सौभाग्य है। यह बेहद जरूरी है। जनसंघ के सपने पूरे हो रहे। कई मायनों में यह होंगे। वक्त के हिसाब से बंधन लेकिन स्वतंत्र।
ख्वाबों में 10 लाख लोगों से बात कर ली है – कांग्रेस नेता
संजय पाटीदार। वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेंद्र गुप्ता कैबिनेट की बैठक में यूसीसी बिल पास किए जाने का कांग्रेस ने विरोध जताया है। यूसीसी लाने का प्रावधान संविधान में है। यह प्रावधान जवाहरलाल नेहरू करके गए हैं। इसका प्रारूप जनता के सामने लाया नहीं गया है। ख्वाबों में इन्होंने 10 लाख लोगों से बात कर ली है। विधानसभा में जब इसे रखा जाएगा तब इस पर विधिवत चर्चा की जाएगी। जब कानून बनाया जाता है तो जनता के बीच लेकर जाना चाहिए। जो जनता के बीच लेकर नहीं गए। बीजेपी के आधे नेताओं को नहीं पता यूसीसी में क्या है। कांग्रेस के यूसीसी पर बुलाई गई बैठक में कांग्रेस के न जाने पर उन्होंने कहा कि बिना प्रारूप दिए हमें बुलाया गया था। कानून का मसौदा नहीं दिया तो कैसे जाते? कोई सर्वदलीय बैठक नहीं बुलाई गई सिर्फ तमाशा किया गया है।बीजेपी हिंदू, मुसलमान, राम, रहीम के अलावा कुछ नहीं करती।
रहीम के माध्यम से रुबीना का शोषण कर रहा था विपक्ष- बीजेपी
यूसीसी पर भाजपा प्रवक्ता हितेश बाजपेयी ने कहा कि विपक्ष यूसीसी नहीं होने के समय में रहीम के माध्यम से रुबीना का शोषण कर रहा था। यूसीसी से सभी महिलाओं को बराबरी का अधिकार मिलेगा। विवाह, तलाक, प्रॉपर्टी में अधिकार मिलेंगे। यूसीसी का धर्म आधार नहीं है। यूसीसी से रहीम डर गया है क्योंकि रुबीना ताकतवर होगी। रहीम के डर के पीछे कांग्रेस खड़ी है। रहीम रुबीना का सामाजिक शोषण करता आया है। इसी शोषण के आधार पर रहीम को पालकर कांग्रेस अभी तक चल रही थी।
UCC को लेकर कल भाजपा की बैठक
भोपाल। कल भाजपा विधायक दल की बैठक होगी। शाम 7 बजे सीएम हाउस में बैठक होगी। कांग्रेस की रणनीति को देखते हुए भाजपा रणनीति बनाएगी।
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