प्रमोद कुमार, कैमूर। जिले में साइबर पुलिस ने करोड़ों रुपये की ऑनलाइन ठगी और ‘डिजिटल अरेस्ट’ की वारदातों को अंजाम देने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के मुख्य सरगना को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान भभुआ थाना क्षेत्र के कुडासन गांव निवासी पुनीत तिवारी के रूप में हुई है। यह कार्रवाई एक्सिस बैंक के खाते के जरिए हो रहे संदिग्ध करोड़ों के लेन-देन की जांच के दौरान की गई।
म्यूट खाते के जरिए करोड़ों का अवैध लेनदेन
कैमूर साइबर थाने में 15 मार्च 2026 को म्यूट खाते से जुड़ा एक मामला दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि भभुआ स्थित एक्सिस बैंक में ‘श्री श्याम एंटरप्राइजेज’ के नाम से एक चालू खाता खोला गया था। इस खाते में 11 मार्च से 22 अप्रैल 2026 के बीच 1 करोड़ 40 लाख रुपये क्रेडिट हुए और 1 करोड़ 35 लाख रुपये की निकासी की गई। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह खाता पुनीत तिवारी के नाम पर था। खाता खुलवाने के बाद पुनीत ने चेकबुक, पासबुक और सिम कार्ड जैसे सभी दस्तावेज अपने पास रख लिए और इसकी जानकारी सिंडिकेट के अन्य सदस्यों को सौंप दी। यह खाता धीरज कुमार और अखिलेश सिंह के नाम से संयुक्त रूप से संचालित हो रहा था।
देश के कई राज्यों में फैला है जाल
एनसीआरपी पोर्टल पर जब इस खाते की जांच की गई, तो इस पर देश के विभिन्न राज्यों से कुल 8 शिकायतें दर्ज पाई गईं। इनमें झारखंड, छत्तीसगढ़, दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड शामिल हैं। इस गिरोह के खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों में ‘डिजिटल अरेस्ट’ के चार बड़े मामले भी दर्ज हैं, जिनमें झारखंड में 1 करोड़, चंडीगढ़ में 3 करोड़ 45 लाख, महाराष्ट्र में 25 लाख और तमिलनाडु में 26 लाख रुपये की भारी-भरकम ठगी की गई है।
बैंक पहुंचते ही पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी
साइबर डीएसपी नीति सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि जब पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों के चलते इस खाते को फ्रीज कर दिया, तो आरोपी पुनीत तिवारी इसे दोबारा चालू करवाने के लिए बैंक पहुंच गया। इसी दौरान पुलिस ने उसे धर दबोचा। पुलिस अब इस अंतरराज्यीय गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और पुनीत से गहन पूछताछ जारी है ताकि इस बड़े साइबर नेटवर्क की अन्य कड़ियों को भी जोड़ा जा सके।



