चंडीगढ़। पंजाब पुलिस में लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे इंस्पेक्टरों के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। गृह मामलों एवं न्याय विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के तहत कुल 70 इंस्पेक्टरों को पदोन्नत कर पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) बनाया गया है। पदोन्नत अधिकारियों को पंजाब पुलिस सेवा के वेतन स्तर-18 में स्थान दिया गया है, जिसका वेतनमान 56,100 रुपये से लेकर 1,77,500 रुपये तक है।

सरकार ने यह फैसला विभागीय तरक्की कमेटी (DPC) की 23 मई 2025 को हुई बैठक में की गई सिफारिशों के आधार पर लिया है। अधिसूचना के मुताबिक अधिकारियों को वरिष्ठता सूची में उनकी स्थिति और लागू नियमों के अनुसार डीएसपी पद पर पदोन्नत किया गया है।

जिला कैडर के 50, आर्म्ड कैडर के 20 इंस्पेक्टर पदोन्नत

जारी की गई सूची में जिला कैडर के 50 इंस्पेक्टर और आर्म्ड कैडर के 20 इंस्पेक्टर शामिल हैं। इनमें कई अधिकारी ऐसे हैं, जिन्होंने लंबे समय तक इंस्पेक्टर के पद पर अपनी सेवाएं दी हैं। पदोन्नति के बाद उन्हें उच्च जिम्मेदारियों के साथ बेहतर वेतनमान का भी लाभ मिलेगा।

एक साल के लिए प्रभावी रहेगी पदोन्नति

अधिसूचना में पदोन्नति को लेकर कुछ शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। अधिकारियों की पदोन्नति तत्काल प्रभाव से लागू होगी, लेकिन यह व्यवस्था एक वर्ष की अवधि के लिए रहेगी। इस दौरान संबंधित अधिकारियों की सेवा, कार्यप्रदर्शन और अन्य निर्धारित मानकों के आधार पर स्थिति की समीक्षा की जा सकती है।

वहीं, यदि वरिष्ठता सूची में भविष्य में कोई संशोधन होता है या किसी अधिकारी की पदोन्नति को लेकर आपत्ति अथवा न्यायिक मामला सामने आता है, तो संबंधित नियमों के तहत इस पदोन्नति की दोबारा समीक्षा की जा सकती है।

डीएसपी स्तर पर बढ़ेगी अनुभवी अधिकारियों की संख्या

पंजाब पुलिस में डीएसपी अधिकारियों की भूमिका काफी अहम होती है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध की जांच की निगरानी और पुलिस प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में डीएसपी स्तर के अधिकारी जिम्मेदारी निभाते हैं।

ऐसे में 70 इंस्पेक्टरों की पदोन्नति से पुलिस विभाग को अनुभवी अधिकारियों की अतिरिक्त उपलब्धता मिलेगी। इससे जिला पुलिस के साथ-साथ आर्म्ड पुलिस में अधिकारियों की कमी को कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

सरकार ने सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद पदोन्नति संबंधी आदेश जारी किए हैं। अब पदोन्नत अधिकारियों को डीएसपी स्तर की जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। उनकी नई तैनाती से संबंधित आदेश विभाग की ओर से अलग से जारी किए जा सकते हैं।