Rajasthan News: राजसमंद के कुंभलगढ़ में चल रहे चिंतन शिविर में राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने स्कूलों में सुरक्षा और पाठ्यक्रम को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि स्कूलों में पहले भी हादसे होते रहे, लेकिन पूर्ववर्ती सरकार ने जर्जर भवनों पर ध्यान नहीं दिया और कोई मैकेनिज्म तैयार नहीं किया। दिलावर ने दावा किया कि उनकी सरकार ने जांच रिपोर्ट के आधार पर तुरंत कार्रवाई की और अब एक मजबूत मैकेनिज्म तैयार किया जा रहा है।

अकबर लुटेरा, महाराणा प्रताप का सम्मान जरूरी
शिक्षा मंत्री ने स्कूल पाठ्यक्रम में मध्यकालीन इतिहास को लेकर भी विवादित टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अकबर को ‘महान’ बताना गलत है, क्योंकि वह “लुटेरा, बलात्कारी और आक्रांता” था। दिलावर ने जोर देकर कहा कि राजस्थान की पाठ्यपुस्तकों में अकबर को महान नहीं पढ़ाया जाएगा। इसके विपरीत, उन्होंने महाराणा प्रताप को राजस्थान की शान बताते हुए कहा, “महाराणा प्रताप के बिना राजस्थान में कुछ नहीं।” उन्होंने आरोप लगाया कि पहले के लेखकों ने महाराणा प्रताप को कमतर दिखाकर उनके दुश्मनों को महिमामंडित किया, जो ठीक नहीं था।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रणाली पर जोर
दिलावर ने बताया कि चिंतन शिविर का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ी और नई टेक्नोलॉजी को शामिल करने वाली शिक्षा प्रणाली बनाना है। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल में सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि महाराणा प्रताप का वास्तविक पक्ष पाठ्यपुस्तकों में शामिल हो।
शिक्षा मंत्री के इस बयान ने इतिहास के पुनर्लेखन और स्कूलों में सुरक्षा को लेकर चर्चा छेड़ दी है। उनके अकबर संबंधी बयान पर विवाद बढ़ने की संभावना है।
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