Rajasthan News: राजस्थान विश्वविद्यालय ने सोमवार को हाईकोर्ट में छात्रसंघ चुनावों पर अपना जवाब पेश किया। विश्वविद्यालय ने साफ कहा कि चुनाव कराने का अधिकार राज्य सरकार के पास है और सरकार की ओर से नोटिफिकेशन जारी होने पर ही विश्वविद्यालय चुनाव करा सकता है।

पिछली सरकार ने लगाई थी रोक
राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव पर पिछली कांग्रेस सरकार ने रोक लगा दी थी। सरकार ने नई शिक्षा नीति का हवाला देते हुए चुनाव स्थगित करने का आदेश दिया था। तब से छात्रों और संगठनों की ओर से चुनाव बहाल करने की मांग लगातार उठ रही है। कई बार आंदोलन और विरोध प्रदर्शन भी हुए।
हाईकोर्ट में सुनवाई जारी
इस पूरे मामले को लेकर छात्र जय राव ने राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। 1 सितंबर को सुनवाई के दौरान विश्वविद्यालय ने अपना जवाब पेश किया। कोर्ट ने अब इस मामले की अगली सुनवाई 3 सितंबर को तय की है।
सरकार पहले ही कर चुकी है जवाब दाखिल
याचिकाकर्ता की ओर से पक्ष रखने वाले एडवोकेट शांतनु पारीक ने बताया कि राज्य सरकार पहले ही हाईकोर्ट में अपना जवाब दाखिल कर चुकी है। सरकार ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से राय लेने के बाद कहा था कि फिलहाल चुनाव कराने की उसकी मंशा नहीं है।
यूनिवर्सिटी ने सरकार का किया समर्थन
अब विश्वविद्यालय ने भी सरकार के पक्ष का समर्थन किया है। जवाब में कहा गया है कि छात्रसंघ चुनाव का नोटिफिकेशन जारी करने का अधिकार केवल सरकार को है। अगर सरकार ऐसा करती है, तो विश्वविद्यालय चुनाव कराने को तैयार है।
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