Rajasthan News: राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस विधायकों का विरोध प्रदर्शन पूरी रात जारी रहा। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने शनिवार सुबह बयान देते हुए कहा, ‘सरकार चर्चा करने के लिए तैयार नहीं है। हमारी कोई टकराव की मंशा नहीं है। बस एक छोटी सी मांग है कि इंदिरा गांधी के लिए इस्तेमाल किए गए शब्द वापस लिए जाएं। अगर सत्ता पक्ष इस पर भी सहमत नहीं होता, तो यह गलत है। वे विधानसभा की गरिमा को धूमिल कर रहे हैं।’

कैसे शुरू हुआ विवाद?
शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान सामाजिक न्याय मंत्री अविनाश गहलोत ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा था कि ‘कांग्रेस हमेशा अपनी दादी इंदिरा गांधी के नाम पर योजनाओं का नाम रखती थी।’ इस बयान पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आपत्ति जताई और पूछा कि ‘क्या आप पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को दादी कह रहे हैं?’ इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन में हंगामा कर दिया और नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए।
हंगामे के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा अध्यक्ष की टेबल तक पहुंच गए और मंत्री से माफी की मांग करने लगे। इस दौरान कांग्रेस विधायकों और विधानसभा मार्शल्स के बीच तनाव भी बढ़ गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष को कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पड़ी।
6 विधायक सत्र से निलंबित
सत्ता पक्ष की ओर से मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने गोविंद सिंह डोटासरा, रामकेश मीणा, अमीन कागजी, जाकिर हुसैन, हाकिम अली और संजय कुमार को बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव रखा, जिसे विधानसभा अध्यक्ष ने स्वीकृत कर लिया। इस फैसले के विरोध में कांग्रेस विधायकों ने सदन में ही धरना जारी रखा और रातभर वहीं सो गए।
सत्ता पक्ष की सफाई
उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा ने कहा कि ‘हमारे मंत्री ने कोई अपमानजनक शब्द नहीं कहा, फिर भी अध्यक्ष महोदय ने इसे हटाने की बात कही। इसके बावजूद कांग्रेस विधायकों का आक्रोश अनुचित था।’
वहीं, संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि ‘दादी’ सम्मानजनक शब्द है और कांग्रेस बेवजह विवाद खड़ा कर रही है। जिस तरह कांग्रेस विधायकों ने सदन में अध्यक्ष के आसन की ओर बढ़ने की कोशिश की, वह निंदनीय है।’
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