देवरिया. अयोध्या स्थित राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO के तौर पर देवरिया निवासी और पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति की खबर से उनके पैतृक गांव भोपतपुरा में खुशी का माहौल है. परिवार और ग्रामीणों ने इसे जिले के लिए गौरव की बात बताया है. जितेंद्र मिश्रा अप्रैल में वायुसेवा से सेवानिवृत्त हुए हैं. उनका परिवार फिलहाल दिल्ली में रहता है, जबकि उनके चाचा रामप्यारे मिश्रा का परिवार गांव में ही रहता है.
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बचपन से था विमान उड़ाने का शौक
जितेंद्र मिश्रा के चाचा और मदन मोहन मालवीय इंटर कॉलेज से लिपिक पद से सेवानिवृत्त रामप्यारे मिश्रा ने बताया कि जितेंद्र को बचपन से ही विमान उड़ाने का शौक था. उनके पिता डॉ. नथुनी मिश्रा दिल्ली के श्रीराम कॉलेज में लेक्चरर रहे हैं. परिवार के मुताबिक, जितेंद्र करीब पांच साल पहले पत्नी वत्सला मिश्रा और दोनों बेटों शांतनु व शारण्य के साथ अपने पैतृक गांव भोपतपुरा आए थे.
एयर मार्शल से मंदिर ट्रस्ट तक बड़ी जिम्मेदारी
वायुसेवा से अप्रैल में रिटायर हुए जितेंद्र मिश्रा को अब राम मंदिर ट्रस्ट के CEO की जिम्मेदारी सौंपी गई है. उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब मंदिर से जुड़े प्रशासनिक और वित्तीय कामकाज को व्यवस्थित करने पर जोर दिया जा रहा है. उनके सैन्य प्रशासन और प्रबंधन के अनुभव को इस जिम्मेदारी के लिए अहम माना जा रहा है.
नए ट्रस्टी मदन मोहन पांडेय ने जताई खुशी
राम मंदिर ट्रस्ट के नवनियुक्त ट्रस्टी मदन मोहन पांडेय ने कहा कि राम मंदिर को कोई बदनाम नहीं कर सकता, क्योंकि मंदिर आस्था का विषय है. उन्होंने मंदिर को लेकर सवाल उठाने वालों पर भी टिप्पणी की. पांडेय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने मामले में कोई शिथिलता नहीं बरती और CEO की नियुक्ति अच्छी पहल है.
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रामलला के लिए वर्षों तक लड़ी कानूनी लड़ाई
मदन मोहन पांडेय का अयोध्या के राम मंदिर आंदोलन से भी पुराना जुड़ाव रहा है. रिकाबगंज निवासी पांडेय ने 1994 से रामलला विराजमान और परमहंस रामचंद्र दास की ओर से वकील के तौर पर मंदिर से जुड़े कानूनी मामलों में पैरवी की. उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के बाद उन्हें सेवा का अवसर मिला है और वह पूरी निष्ठा व लगन से जिम्मेदारी निभाएंगे.



