अयोध्या से चित्रकूट को जोड़ने वाले 4400 करोड़ रुपये लागत के राम वन गमन मार्ग पर स्थित श्रृंगवेरपुर पुल का एक हिस्सा उद्घाटन से पहले ही धंस गया है. सड़क क्षतिग्रस्त होने और रिटेनिंग वॉल झुकने से इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है.
प्रयागराज. अयोध्या और चित्रकूट को आपस में जोड़ने के उद्देश्य से 4,400 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से निर्मित हो रहे केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ‘राम वन गमन मार्ग’ (NH-731A) की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ गए हैं. प्रयागराज स्थित श्रृंगवेरपुर धाम के पास इस फोर-लेन कॉरिडोर के पुल का एक बड़ा हिस्सा मानसूनी बारिश के कारण धंस गया. आधिकारिक लोकार्पण से पूर्व ही हुए इस हादसे के चलते संबंधित मार्ग पर यातायात पूरी तरह रोक दिया गया है.
संरचनात्मक क्षति से यातायात प्रभावित
घटनास्थल पर सड़क का मध्य हिस्सा नीचे धंस गया है और सुरक्षा के लिए बनाई गई रिटेनिंग वॉल के पैनल भी झुक चुके हैं. इस क्षति के कारण वाराणसी को चित्रकूट से जोड़ने वाला सीधा संपर्क मार्ग पूरी तरह कट गया है. वर्तमान में कार्यदायी संस्था और तकनीकी दल दरारों को भरने तथा प्रभावित क्षेत्र की मरम्मत करने के कार्य में जुटे हुए हैं, हालांकि स्थानीय निवासी इस सुधार कार्य को मात्र खानापूर्ति बता रहे हैं.
स्थानीय नागरिकों ने जताई नाराजगी
स्थानीय निवासी जयशंकर शुक्ला ने बताया कि हाल ही में चालू हुए इस पुल का हिस्सा पहली ही सामान्य बारिश में बैठ गया. उन्होंने निर्माण में घटिया सामग्री के प्रयोग का आरोप लगाते हुए बीम और पैनल झुकने की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा जिम्मेदार पक्षों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि व्यस्त और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण मार्ग होने के बावजूद गनीमत रही कि दुर्घटना के समय कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ.
ऐतिहासिक स्थल पर निर्माण गुणवत्ता पर सवाल
भगवान राम के वनगमन के दौरान गंगा पार करने से जुड़े ऐतिहासिक और पवित्र स्थान श्रृंगवेरपुर धाम पर हुआ यह हादसा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और निर्माण कंपनी की तकनीकी प्रक्रियाओं पर प्रश्न चिन्ह लगाता है. अब यह देखना होगा कि संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों की जवाबदेही तय कर कोई ठोस वैधानिक कदम उठाया जाता है अथवा केवल तात्कालिक मरम्मत से स्थिति को संभाला जाता है.



