रामपुर/मुरादाबाद. रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से बड़ी राहत मिली है. आयुक्त मुरादाबाद मंडल की अदालत ने रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) के ध्वस्तीकरण आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है. अदालत के फैसले के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं और विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों में खुशी का माहौल है. सपा सांसद रुचि वीरा और पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन ने फैसले का स्वागत करते हुए मंडलायुक्त का आभार जताया.

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‘शिक्षा के मंदिर पर बुलडोजर रुक गया’

पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन ने कहा कि वे मंडलायुक्त के आभारी हैं, जिन्होंने शिक्षा को महत्व देते हुए “शिक्षा के मंदिर” पर बुलडोजर चलने से रोक दिया. उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी विश्वविद्यालय पर ऐसी कार्रवाई नहीं होगी और यह संस्थान शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं देता रहेगा.

BHU और AMU का दिया उदाहरण

एसटी हसन ने कहा कि किसी विश्वविद्यालय का नक्शा पास होना या न होना शिक्षा से बड़ा मुद्दा नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि व्यक्ति आते-जाते रहते हैं, लेकिन शैक्षणिक संस्थान समाज की सेवा करते रहते हैं. उन्होंने जौहर यूनिवर्सिटी की तुलना बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) से करते हुए कहा कि ये संस्थान इंसानियत की सेवा कर रहे हैं और जौहर यूनिवर्सिटी भी ऐसा करती रहेगी.

सपा सांसद रुचि वीरा ने जताया आभार

मुरादाबाद से सपा सांसद रुचि वीरा ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि कमिश्नर कोर्ट द्वारा अंतरिम स्टे दिए जाने पर वह मंडलायुक्त का धन्यवाद करती हैं. उन्होंने विश्वविद्यालय के छात्रों और प्रबंधन को भी बधाई देते हुए कहा कि यह फैसला शिक्षा और छात्रों के हित में है.

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अब अगली सुनवाई पर टिकी निगाहें

शासकीय अधिवक्ता दिनेश चौहान ने बताया कि 28 जुलाई को प्रस्तावित सुनवाई एक अधिवक्ता के निधन के कारण स्थगित हो गई थी. विश्वविद्यालय की ओर से मामले की तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया गया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया. इसके बाद अगली सुनवाई तक रामपुर विकास प्राधिकरण के ध्वस्तीकरण आदेश पर रोक लगा दी गई. अब सभी की नजर अगली सुनवाई पर रहेगी.