आशुतोष द्विवेदी, रीवा। विंध्य के सबसे बड़े संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में डॉक्टरों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो गया है। देर रात अस्पताल के अति-संवेदनशील क्षेत्र ICU के अंदर घुसकर शराब के नशे में धुत युवकों द्वारा एक डॉक्टर के साथ मारपीट करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना से आक्रोशित होकर करीब 50 रेजिडेंट डॉक्टरों ने काम का बहिष्कार कर दिया और देर रात ही अस्पताल परिसर के बाहर धरने पर बैठ गए।

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शराब के नशे में ICU में घुसे 5 युवक, डॉक्टर से की मारपीट

रेजिडेंट डॉक्टरों के अनुसार, देर रात करीब पांच युवक शराब के नशे में धुत होकर जबरन आईसीयू के भीतर दाखिल हो गए। जब ऑन-ड्यूटी डॉक्टर ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उनके साथ अभद्रता करते हुए मारपीट शुरू कर दी। घटना के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया। डॉक्टरों का कहना है कि वे लगातार कई दिनों तक बिना सोए मरीजों की जान बचाने में जुटे रहते हैं, लेकिन इसके बावजूद अस्पताल परिसर के भीतर उनकी सुरक्षा का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

घटना के तुरंत बाद रेजिडेंट डॉक्टर एकजुट हो गए और अस्पताल के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए। डॉक्टरों ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी मौके पर आकर सुरक्षा का ठोस आश्वासन नहीं देते और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन और काम का बहिष्कार जारी रहेगा। उल्लेखनीय है कि हाल ही में एक महिला डॉक्टर के साथ हुई प्रताड़ना के बाद से डॉक्टरों में पहले से ही आक्रोश था, जिसे इस नई घटना ने और भड़का दिया है।

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डॉक्टरों की प्रमुख मांगें और बड़ा प्रशासनिक सवाल

प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने मांग की है कि आईसीयू और अन्य संवेदनशील वार्डों में अनधिकृत बाहरी लोगों के प्रवेश पर तुरंत सख्त रोक लगाई जाए। अस्पताल परिसर में चौबीसों घंटे सुरक्षाकर्मियों और पुलिस बल की स्थायी तैनाती हो। ऑन-ड्यूटी चिकित्सकीय स्टाफ पर हमला करने वालों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज कर सख्त एक्शन लिया जाए। इस घटना के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जो डॉक्टर खुद अस्पताल के भीतर सुरक्षित नहीं हैं, वे आखिर निर्भीक होकर मरीजों का इलाज कैसे करेंगे?

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