हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला जेल रेवाड़ी में कैदियों के पुनर्वास एवं कौशल विकास के लिए होटल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट का एक माह का सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया गया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय मीरपुर और जिला जेल प्रशासन के बीच मंगलवार को इसके लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
रेवाड़ी। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, पंचकूला के दिशा-निर्देशों के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) रेवाड़ी ने जिला जेल में बंद कैदियों के कौशल विकास और पुनर्वास के लिए एक नई शुरुआत की है। मंगलवार को डीएलएसए रेवाड़ी, इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय (IGU) मीरपुर और जिला जेल रेवाड़ी के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इसके अंतर्गत कैदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक महीने की अवधि का ‘होटल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट’ सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया गया है।
व्यावसायिक प्रशिक्षण और ज्ञान
डीएलएसए सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) डॉ. रेनू सोलखे ने बताया कि इस विशेष प्रशिक्षण में बंदियों को भोजन पकाने (कुकिंग), परोसने (सर्विंग), रेस्टोरेंट संचालन तथा व्यक्तित्व विकास का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें कम लागत में कैटरिंग सेवा, ढाबा या रेस्टोरेंट व्यवसाय स्थापित करने के व्यावहारिक तरीकों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारी
समझौता ज्ञापन के दौरान आईजीयू के कुलपति प्रो. असीम मिगलानी, सीजेएम डॉ. रेनू सोलखे, जेल अधीक्षक रेशम सिंह, आईजीयू होटल मैनेजमेंट विभागाध्यक्ष डॉ. अदिति शर्मा, डॉ. नवनीत कौशल, डॉ. विक्रांत और डॉ. पवन प्रमुख रूप से मौजूद रहे।


