कुंदन कुमार/पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने बिहार विधानसभा के अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक हत्या के मामले में दोषी करार दिए गए भाजपा विधायक राजू सिंह के खिलाफ अब तक कोई कानूनी कार्रवाई न होना सत्ताधारी दल के दोहरे चरित्र को उजागर करता है।
चार दिन बीतने के बाद भी चुप्पी क्यों?
शक्ति सिंह यादव ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि भाजपा विधायक राजू सिंह को अदालत ने हत्या के एक गंभीर मामले में चार साल की सजा सुनाई है। न्यायिक फैसला आए हुए चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद विधानसभा अध्यक्ष द्वारा उनकी सदस्यता रद्द करने को लेकर कोई आधिकारिक कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए अत्यंत चिंताजनक बताया है।
दोहरा मापदंड और भेदभाव का आरोप
राजद प्रवक्ता ने अपनी पुरानी घटना का जिक्र करते हुए कहा जब मैं विधायक था उस समय मुझ पर लगे मामलों में त्वरित कार्रवाई की गई थी। उस वक्त कानून का पालन तत्काल हुआ लेकिन आज जब मामला भाजपा विधायक का है, तो व्यवस्था इतनी सुस्त क्यों है? उन्होंने स्पष्ट किया कि जब सजा सुना दी गई है तो सदस्यता स्वतः समाप्त हो जानी चाहिए लेकिन विधानसभा अध्यक्ष की चुप्पी कई संदेह पैदा कर रही है।
विधानसभा अध्यक्ष से स्पष्टीकरण की मांग
शक्ति सिंह यादव ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि विधानसभा अध्यक्ष को इस देरी का सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण देना चाहिए। आखिर कौन सी मजबूरी या दबाव है जिसके कारण एक सजायाफ्ता विधायक अब तक सदन का सदस्य बना हुआ है? उन्होंने मांग की है कि नियमों के अनुरूप अविलंब राजू सिंह की विधानसभा सदस्यता को समाप्त करने की अधिसूचना जारी की जानी चाहिए।
राजद ने इसे कानून के राज और संविधान का उल्लंघन बताते हुए चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे इसे जनता के बीच ले जाएंगे। यह मुद्दा अब बिहार की राजनीति में गरमाता जा रहा है जहां विपक्ष लगातार सत्ता पक्ष को नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारियों की याद दिला रहा है।

