सहारनपुर. सहारनपुर में 5 सितंबर को कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बाद सियासी हलचल बढ़ गई है. घटना के तीसरे दिन आज यानी सोमवार को सपा, कांग्रेस और AIMIM के वरिष्ठ नेताओं का डेलिगेशन सहारनपुर पहुंचने वाला है. प्रतिनिधिमंडल प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर मस्जिद गिराए जाने की कार्रवाई और पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेगा.
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डेलिगेशन के पहुंचने से पहले लगे पोस्टर
सपा प्रतिनिधिमंडल के सहारनपुर पहुंचने से पहले शहर में जगह-जगह अखिलेश यादव के पोस्टर लगाए जाने का मामला सामने आया. पोस्टरों में 7 सितंबर 2013 को हुए मुजफ्फरनगर दंगों से जुड़ी तस्वीरें इस्तेमाल की गई थीं. पोस्टरों पर “न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे” जैसे संदेश लिखे गए थे.
सूचना मिलते ही पुलिस ने हटवाए पोस्टर
पोस्टर लगाए जाने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें हटवा दिया. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये पोस्टर किसने और कब लगाए थे. फिलहाल पोस्टर लगाने वाले लोगों की पहचान सामने नहीं आई है. पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य माध्यमों से जानकारी जुटा सकती है.
मस्जिद ध्वस्तीकरण पर सियासत तेज
मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद सहारनपुर में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. विपक्षी दलों के नेताओं के दौरे को लेकर प्रशासन भी सतर्क है. सपा के 22 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में सांसद इकरा हसन, हरेंद्र मलिक समेत कई नेता शामिल हैं. प्रतिनिधिमंडल अधिकारियों से कार्रवाई से जुड़े प्रशासनिक और न्यायिक पहलुओं की जानकारी लेगा.
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पुलिस-प्रशासन के सामने चुनौती
एक ही दिन में सपा, कांग्रेस और AIMIM से जुड़े नेताओं के सहारनपुर पहुंचने के चलते पुलिस-प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती होगी. प्रशासन का कहना है कि मस्जिद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कोर्ट के आदेश के बाद की गई. वहीं मस्जिद पक्ष ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए हाईकोर्ट जाने की बात कही है. ऐसे में विपक्षी नेताओं के दौरे और पोस्टर विवाद ने मामले को और राजनीतिक तूल दे दिया है.



