अनिल मालवीय, ​सीहोर। सीहोर जिले में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की घोर लापरवाही आम जनता और किसानों की जान पर भारी पड़ रही है। बिलकिसगंज-चंदेरी मुख्य मार्ग समेत ग्रामीण इलाकों में 11 केवी हाईटेंशन लाइन के खंभे खतरनाक तरीके से झुक चुके हैं और मौत बनकर दौड़ रहे तार जमीन के बेहद करीब झूल रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार की शिकायतों के बाद भी सोता हुआ बिजली महकमा जागने को तैयार नहीं है, जिससे क्षेत्र में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

​विद्युत मंडल की इस उदासीनता का खामियाजा क्षेत्र के किसान पहले भी भुगत चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अभी भी किसी बड़ी जनहानि का इंतजार कर रहे हैं। पिछले वर्ष करंट की चपेट में आने से एक किसान गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसका पूरा जीवन अब तबाह हो चुका है। इसी वर्ष किसान सतीश मेवाड़ा करंट का शिकार हो गए। वे वर्तमान में भोपाल के अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं।

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हर ​प्रशासनिक स्तर पर लगा चुके है गुहार

​पीड़ित किसान को न्याय दिलाने और झूलते तारों को दुरुस्त करवाने के लिए क्षेत्र के किसान एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में दर्जनों गांवों के ग्रामीणों ने आंदोलन का मोर्चा खोल रखा है। किसान अपनी गुहार लेकर हर ​प्रशासनिक स्तर पर सीहोर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को दो बार ज्ञापन सौंपा गया। विद्युत मंडल अधीक्षक और मध्य प्रदेश विद्युत वितरण क्षेत्र के प्रमुख अभियंता को घेरा गया। भोपाल जाकर मुख्यमंत्री निवास, ऊर्जा मंत्री के बंगले और सीहोर जिला प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर के निवास पर सीधे मांग की गई।

ग्रामीण बोले- आदेशों की उड़ा रहे धज्जियां

ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि सीहोर विद्युत मंडल के अधिकारी और कर्मचारी पूरी तरह निरंकुश हो चुके हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय से दूरभाष पर दिए गए निर्देशों और प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर के आदेशों की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। जब ये अफसर मंत्रियों और मुख्यमंत्री की नहीं सुन रहे, तो आम जनता की सुनवाई कैसे होगी? ​जिले में बिजली व्यवस्था और लगातार हो रहे हादसों को लेकर किसानों में भारी आक्रोश है।

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उग्र आंदोलन की चेतावनी

कई जगहों पर चक्काजाम और धरना-प्रदर्शन भी किए जा चुके हैं। जगह-जगह झुके खंभे और लटकते तार आज भी राहगीरों और खेतों में काम करने वाले किसानों के लिए सीधे काल बने हुए हैं। ​ग्रामीणों ने प्रशासन और विद्युत मंडल को अंतिम चेतावनी देते हुए मांग की है कि बिलकिसगंज-चंदेरी मार्ग सहित पूरे सीहोर जिले में झूलते तारों और झुके खंभों को तत्काल बदला जाए, नहीं तो किसान उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। वहीं इस संबंध में बिजली विभाग का कहना है कि समय-समय पर रखरखाव किया जाता है।

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