समीर शेख, बड़वानी। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. मनोज खन्ना पर एक महिला कर्मचारी द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद विवाद गहरा गया है। इस पूरे मामले में शुक्रवार को जिला अस्पताल का समस्त स्टाफ एकजुट होकर सिविल सर्जन के समर्थन में उतर आया और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर पुलिस से गुहार लगाई। अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टर, चिकित्सा अधिकारी, नर्सिंग ऑफिसर, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारी दोपहर में एकजुट होकर शहर कोतवाली थाने पहुंचे। वहां उन्होंने पुलिस प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर मामले की पारदर्शी जांच की मांग की।
‘बिना जांच छवि खराब करना गलत’
डॉक्टरों व स्टाफ का प्रतिनिधित्व कर रहे डॉ. संदीप गुप्ता ने बताया कि एक महिला कर्मचारी ने महिला थाने में आवेदन देकर सिविल सर्जन पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके बाद सोशल मीडिया पर भी वीडियो प्रसारित किए गए। स्टाफ का कहना है कि बिना कानूनी प्रक्रिया और तथ्यों की पुष्टि के इस तरह सोशल मीडिया पर आरोप लगाने से जिला अस्पताल की साख, कार्यप्रणाली और अधिकारी की सामाजिक-प्रशासनिक छवि धूमिल हो रही है। कर्मचारियों ने मांग की है कि यदि जांच में महिला कर्मचारी के आरोप झूठे और दुर्भावनापूर्ण पाए जाते हैं, तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ सख्त कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी
मामले में ज्ञापन लेने के बाद थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन ने बताया कि अस्पताल स्टाफ की ओर से निष्पक्ष जांच के संबंध में आवेदन प्राप्त हुआ है। पुलिस दोनों पक्षों के बयानों और तथ्यों की गहराई से जांच कर रही है, जिसके आधार पर नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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