सुरेश पाण्डेय, सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले की तस्वीरों ने विकास के दावों की पोल खोल दी है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में स्कूली बच्चे पीठ पर बस्ता लादे, हाथ में जूते-चप्पल लेकर करीब 3 किलोमीटर लंबा कच्चा और कीचड़ भरा रास्ता नंगे पैर पार करते हुए स्कूल जाते दिखाई दे रहे हैं। यह मामला बिहरा पंचायत के फाटापानी गांव का बताया जा रहा है।

बरसात शुरू होते ही गांव का रास्ता दलदल में बदल जाता है। मजबूरी ऐसी कि बच्चे अपने जूते-चप्पल हाथ में लेकर कीचड़ में पैदल चलते हैं, ताकि स्कूल पहुंचने पर उन्हें पहन सकें। एक ओर मंचों से शिक्षा को सर्वोपरि बताने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर फाटापानी गांव के बच्चों की यह तस्वीरें बुनियादी सुविधाओं की हकीकत बयां कर रही हैं। ये तस्वीरें सरकार और जनप्रतिनिधियों के हर बच्चे तक शिक्षा के दावों पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही हैं।

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सवाल यह है कि जब स्कूल तक पहुंचने का रास्ता ही सुरक्षित और सुगम नहीं है, तो शिक्षा का अधिकार जमीनी स्तर पर कैसे सुनिश्चित होगा। अब देखना होगा कि वायरल वीडियो के बाद प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस समस्या पर कब तक संज्ञान लेते हैं और इन बच्चों को कीचड़ भरे रास्ते से राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

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