Odisha Desk, बालेश्वर : ओडिशा के बालेश्वर जिले के सोरो इलाके में मानसून की शुरुआत के साथ ही सांपों का भारी खौफ देखने को मिल रहा है। बारिश के कारण बिलों में पानी भर जाने से सांप रिहायशी इलाकों का रुख कर रहे हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्थिति गंभीर हो गई है।

मिली जानकारी के मुताबिक, महज एक सप्ताह के भीतर सांप काटने की वजह से 124 से अधिक लोग घायल होकर अस्पताल पहुंच चुके हैं। इनमें से कई लोगों की हालत नाजुक होने के कारण उन्हें बालेश्वर जिला मुख्य अस्पताल (DHH) रेफर किया गया है।

सोते समय और फूल तोड़ते वक्त बढ़ रहे हैं मामले

स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सांपों के हमले की घटनाएं सुबह और रात के वक्त सबसे ज्यादा हो रही हैं। बीते दिन बालीपुर गांव के रहने वाले प्रियव्रत दास (35) जब रात में अपने घर में सो रहे थे, तभी एक जहरीले सांप ने उन्हें काट लिया। सुबह तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सोरो अस्पताल लाया गया, जहां उनका ब्लड टेस्ट और इलाज चल रहा है।

इसी तरह की एक अन्य घटना सबीरा गांव में सामने आई, जहां 41 वर्षीय रंजीता परिडा सुबह के समय भगवान की पूजा के लिए फूल तोड़ रही थीं, तभी वह सांप के दंश का शिकार हो गईं। मोबरकपुर गांव की आराधना पात्र (52) भी सुबह फूल चुनते समय सांप के हमले से घायल हो गईं। वहीं, मधुसूदनपुर गांव के कमलाकांत सेठी (53) अपने घर के पास के मैदान में टहल रहे थे, तभी उन्हें सांप ने काट लिया।

एक ही दिन में भर्ती हुए 18 से ज्यादा मरीज

सोरो अस्पताल से मिले आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों के भीतर ही इलाके के अलग-अलग हिस्सों से 18 से अधिक सर्पदंश के मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे हैं। इनमें से दो मरीजों की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है, जिन्हें तुरंत बालेश्वर जिला मुख्य अस्पताल रेफर किया गया है।

इससे एक दिन पहले भी सत्यभामा साहू, संजुलता पुथाल, शुकदेव भोमिक, प्रफुल्ल बेहरा, उमाकांत जेना, रवींद्र घड़ेई और कनकलता साहू समेत करीब 15 से अधिक लोग सांप के काटने के कारण अस्पताल में भर्ती कराए गए थे।

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की अपील

एक ही हफ्ते में 124 से अधिक लोगों के अस्पताल पहुंचने से सोरो के ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है। लोग खेतों में जाने या रात को जमीन पर सोने से कतरा रहे हैं। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विभाग का कहना है कि लोग रात में सोते समय अनिवार्य रूप से मच्छरदानी का प्रयोग करें, अंधेरे में टॉर्च लेकर निकलें और सांप काटने पर किसी झाड़-फूंक के चक्कर में पड़ने के बजाय तुरंत मरीज को नजदीकी अस्पताल लेकर आएं ताकि समय पर एंटी-स्नेक वेनम (ASV) दिया जा सके।

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