Dharm Desk – Somwati Amavasya 2026 : आज 15 जून को सोमवती अमावस्या का पावन संयोग बना है जो हिंदू धर्म में बेहद खास और फल देने वाला माना जाता है. सोमवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या को विशेष रूप से पितरों की शांति और परिवार में सुख-समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए श्रेष्ठ माना है. ज्येष्ठ अधिकमास के कृष्ण पक्ष में आई यह अमावस्या धार्मिक दृष्टि से और भी महत्वपूर्ण हो है, इसलिए देशभर में श्रद्धालु आज के दिन पूजा-पाठ, स्नान और दान में जुटे हुए हैं. वैदिक पंचांग के अनुसार अमावस्या तिथि की शुरुआत 14 जून को दोपहर 12:22 बजे से हो चुकी थी और इसका समापन आज 15 जून के दिन होगा.

आज के दिन क्या दान करने से मिलेगा पुण्य फल
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन किया दान कई गुना फल देता है. खासतौर पर चावल, आटा, दाल, चीनी, फल, मिठाई और वस्त्रों का दान अत्यंत शुभ माना जाता है. जरूरतमंदों को भोजन कराना, गौ सेवा करना और गरीबों की सहायता करना भी इस दिन विशेष पुण्य दायी है. माना जाता है कि सच्चे मन से किया गया छोटा सा दान भी जीवन में सुख-समृद्धि लाता है.
पेड़ की पूजा और 108 परिक्रमा
इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा और 108 परिक्रमा का भी विशेष महत्व है. मान्यता है कि पीपल में भगवान श्री हरि विष्णु का वास है इसलिए इसकी पूजा करने से घर में खुशहाली आती है. वहीं अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित होती है, इसलिए आज के दिन तर्पण और जल अर्पित करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है.
संध्या के समय करेंगे कार्य
सोमवती अमावस्या पर शाम के समय धार्मिक कार्यों का विशेष महत्व है. सूर्यास्त के बाद पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से सुख-समृद्धि आती है. जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या दक्षिणा देने से पुण्य फल कई गुना बढ़ जाता है. श्रद्धा और नियम से किए गए ये कार्य जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाते है.

