रेणु अग्रवाल, धार। मध्य प्रदेश के धार में 15 सितम्बर को प्रस्तावित वराह मार्च वाहन रैली को लेकर जिला प्रशासन और सनातनी प्रहरी संगठन आमने-सामने आ गए हैं। धार एसडीएम द्वारा इस वाहन रैली को अनुमति नहीं दिए जाने की बात सामने आने के बाद नया मोड़ आ गया है। सनातनी प्रहरी संगठन ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने प्रशासन से कोई अनुमति मांगी ही नहीं थी, बल्कि सिर्फ सूचना दी थी।
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प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, धार एसडीएम ने आगामी त्योहारों और कानून-व्यवस्था की संवेदनशीलता का हवाला देते हुए इस रैली के लिए किसी भी तरह की वाहन अनुमति देने से इनकार किया है। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को प्रभावित करने वाले किसी भी बड़े सार्वजनिक आयोजन के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य है।
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दूसरी ओर, सनातनी प्रहरी संगठन के पदाधिकारियों का दावा है कि वराह मार्च एक धार्मिक और सांस्कृतिक जन-जागृति अभियान है। संगठन का तर्क है कि वे अपने अधिकारों के तहत शांतिपूर्ण मार्च निकाल रहे हैं, जिसके लिए प्रशासन को पहले ही केवल अवगत कराया गया था, न कि अनुमति के लिए आवेदन किया गया था।
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