नितिन नामदेव, रायपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर लोक भवन के छत्तीसगढ़ मंडपम् में “राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह वर्ष-2026” का आयोजन किया गया. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव और उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका ने उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्य और सेवाओं के लिए प्रदेश के 67 शिक्षकों का सम्मान किया.

यह भी पढ़ें : एनटीपीसी कोरबा की सभी सातों इकाइयां हुई बंद, छग समेत अन्य राज्यों में बिजली आपूर्ति बाधित…

कार्यक्रम में अपने उद्बोधन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शिक्षक दिवस पर सभी शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि 5 सितम्बर देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर राधाकृष्ण जयंती पर हम शिक्षक दिवस मनाते हैं. आज जितने भी राष्ट्र के निर्माता शिक्षक-शिक्षिका को मैं बधाई देता हूं. प्राचीन काल से शिक्षा का महत्व रहा है. नालंदा विश्वविद्यालय, विक्रमशिला विश्वविद्यालय हमारे देश में हुए हैं.

उन्होंने कहा कि हमारे देश में शिक्षा का महत्व रहा है. हमारे बुजुर्गों ने कहा है कि शिक्षा के बिना मूलमंत्र अधूरा है. किसी भी क्षेत्र में अच्छा काम करना है, तो शिक्षा जरूरी है. पिछले 2-3 साल में शिक्षा के किए हमने काफी काम किया है. हमारी सरकार में आते ही पता चला कि 200 से ज्यादा स्कूल शिक्षक विहीन हैं. इसके लिए हमने युक्तियुक्तकरण लागू किया है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर जैसे क्षेत्रों में स्थानीय बोली-भाषा को बढ़ावा दे रहे हैं. न्योता भोज कार्यक्रम हमने शुरू किया है. जन भागीदारी हम स्कूल में बढ़ा रहे हैं. 341 स्कूलों का पीएमश्री में चयन होगा. उसका भी हम लोग अच्छे शिक्षा के तहत शिक्षा की बढ़ावा देंगे. उन्होंने कहा कि प्राध्यापक, शिक्षकों और प्रोफेसर का प्रमोशन रुका था, उसे बढ़ाने का हम काम कर रहे हैं.

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m