उत्तराखंड के टिहरी जिले के सिरोला गांव में शनिवार को बकरी का मांस खाने के बाद 20 से ज्यादा लोगों की तबीयत बिगड़ गई. उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायत के बाद बच्चों और महिलाओं समेत प्रभावित लोगों को अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया.
टिहरी. जिले के कीर्तिनगर ब्लॉक में मलेथा के पास स्थित सिरोला गांव में शनिवार 5 सितंबर को 20 से ज्यादा लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई. इनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं. ग्रामीणों की हालत बिगड़ने के बाद उन्हें उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां से सभी को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया.
बकरी का मांस खाने के बाद बिगड़ी तबीयत
मिली जानकारी के अनुसार गांव में एक बकरी की मौत हो गई थी. इसके बाद ग्रामीणों ने उसका मांस पकाकर खाया. मांस खाने के कुछ समय बाद कई लोगों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें होने लगीं.
प्रभावित लोगों में उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायत सामने आई. बच्चों में डायरिया की समस्या भी बताई गई, जिसके बाद परिजन उन्हें इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में लेकर पहुंचे. बेस अस्पताल के बाल रोग विभाग में बच्चों को भर्ती किया गया है.
डॉक्टर ने दी सावधानी बरतने की सलाह
चिकित्सक डॉ. अजय गोस्वामी ने कहा कि किसी पशु की बीमारी या संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने पर उसके मांस का सेवन नहीं करना चाहिए. ऐसे मांस में हानिकारक बैक्टीरिया या अन्य संक्रमणकारी तत्व मौजूद हो सकते हैं, जो पकाने के बाद भी स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं.
उन्होंने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर स्वास्थ्य वाले लोगों को ऐसे मांस से पूरी तरह बचने की सलाह दी. डॉक्टर के मुताबिक मांस खाने के बाद उल्टी, दस्त, पेट दर्द, बुखार, कमजोरी या डिहाइड्रेशन जैसे लक्षण दिखने पर घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर अस्पताल पहुंचना जरूरी है.
खासकर छोटे बच्चों में डिहाइड्रेशन तेजी से गंभीर स्थिति का रूप ले सकता है. ऐसे में लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सा सहायता लेना महत्वपूर्ण है.



