Dharm Desk – गुरुवार का दिन इस बार और भी खास बन गया है, क्योंकि गुरु बृहस्पति ने हाल ही में कर्क राशि में प्रवेश किया है. यह गुरु की उच्च राशि है. ज्योतिष के अनुसार जब गुरु अपनी उच्च स्थिति में होते हैं, तो उनका शुभ प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है. ऐसे समय में किए गए उपायों का फल भी जल्दी और अधिक प्रभावशाली रूप में मिलने लगता है.

क्यों खास है यह समय?
बृहस्पति देव को ज्ञान, संतान, धन, वैवाहिक सुख और भाग्य का कारक कहा जाता है. कर्क राशि में उनके गोचर से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है. जिससे करियर में उन्नति, व्यापार में लाभ और विवाह के योग मजबूत होते है, यह समय विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है. जिनके जीवन में रुकावटें चल रही हैं.
विष्णु सहस्त्रनाम का बढ़ा प्रभाव
इस शुभ गोचर के दौरान गुरुवार के दिन विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना और भी फल दायी माना जाता है. इस समय पाठ करने से मानसिक शांति, एकाग्रता और स्वास्थ्य में तेजी से सुधार होता है. साथ ही नकारात्मक प्रभाव भी जल्दी समाप्त होते हैं.
केले के पेड़ की पूजा से बनेगा विवाह योग
गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा करने का महत्व इस समय और बढ़ जाता है. बृहस्पति देव से जुड़े इस पेड़ को जल अर्पित कर चने की दाल और गुड़ का भोग लगाने से विवाह में आ रही बाधाएं जल्द दूर हो सकती हैं.
मंत्र जाप से चमकेगा भाग्य
ओम बृं बृहस्पते नमः मंत्र का जाप इस गोचर काल में विशेष लाभ देता है, तुलसी की माला से इस मंत्र का जाप करने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है. जीवन में सुख-समृद्धि तेजी से बढ़ती है.
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
गुरुवार के दिन पीले वस्त्र पहनकर पूजा करना अत्यंत शुभ माना गया है. भगवान विष्णु को केले, पीले फूल, चने की दाल और गुड़ अर्पित करें. साथ ही इस दिन उधार लेने और देने से बचें, क्योंकि इससे आर्थिक संतुलन बिगड़ सकता है.
दांपत्य जीवन में आएगी खुशहाली
यदि पति-पत्नी के बीच तनाव है तो इस विशेष समय में गुरुवार का व्रत करना बेहद लाभकारी हो सकता है. इससे रिश्तों में मधुरता बढ़ती है. जीवन में सुख-शांति का संचार होता है.

