मुकेश सेन, टीकमगढ़। मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में गरीबों के हक के राशन पर डाका डालने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। 7 राशन दुकान विक्रेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए, इन विक्रेताओं पर करीब 62 लाख 78 हजार रुपये के गेहूं, चावल और नमक का गबन करने का आरोप है।

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दअरसल यह पूरा मामला टीकमगढ़ जिले का है, जहां कलेक्टर विवेक श्रोतिय को जिले की छिपरी, बिजरावन, बजीतपुर, बड़ागांव, सुरजपुर, भेलसी, अजनौर की शासकीय उचित मूल्य की दुकानों की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। शिकायतों में गरीब हितग्राहियों के लिए आवंटित गेहूं के वितरण में गड़बड़ी और हेराफेरी के आरोप लगाए गए थे। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए टीकमगढ़ कलेक्टर द्वारा संबंधित राशन दुकानों की जांच कराई गई, जिसमें खाद्यान्न और अन्य सामग्री के वितरण में बड़े स्तर पर अनियमितताएं पाई गई।  

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जांच में सामने आया की गरीबों को मिलने वाले सरकारी राशन का रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर है। जांच में करीब 62 लाख 78 हजार रुपये के राशन के गबन का मामला सामने आया है। आरोप है कि गरीब हितग्राहियों के लिए आवंटित गेहूं, चावल, और नमक में हेराफेरी कर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर ने संबंधित दुकान संचालकों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करते हुए आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं इस पूरे मामले में टीकमगढ़ कलेक्टर का कहना है की गरीबों के हक के राशन में गड़बड़ी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

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