पश्चिम बंगाल में इस बार बकरीद की छुट्टी सुर्खियों में है. TMC सरकार में पहले इस त्यौहार के लिए दो दिन की छुट्टी का ऐलान हुआ था, लेकिन अब शुभेंदु सरकार ने इस फैसले को पलट दिया है. शुभेंदु सरकार ने अब दो दिनों की छुट्टी को घटा कर एक दिन में तब्दील कर दिया है. पिछले साल नवंबर में, जब बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार थी, तब राज्य सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी किया था. उसमें बकरीद पर दो दिन की छुट्टी का ऐलान किया गया था. 26 और 27 मई, यानी ईद से एक दिन पहले और ईद के दिन, दोनों दिन छुट्टी रखी गई थी. लेकिन अब सिर्फ एक दिन की छुट्टी रहेगी, और वो है 28 मई.

राज्य सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है. बकरीद को लेकर छुट्टी के दिनों में बदलाव के बाद सरकारी कर्मचारियों, स्कूलों और अन्य संस्थानों के लिए नया शेड्यूल लागू होगा. नई BJP सरकार के सत्ता में आने के बाद यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य में कई प्रशासनिक और नीतिगत बदलाव किए जा रहे हैं. सरकार ने पहले की अधिसूचनाओं की समीक्षा शुरू की हुई है और उसी क्रम में बकरीद अवकाश को लेकर भी संशोधित आदेश जारी किया गया है.

पहले जारी नोटिफिकेशन में दो दिन की छुट्टी घोषित होने के कारण सरकारी कार्यालयों और संस्थानों में उसी हिसाब से तैयारी की जा रही थी. अब नए आदेश के बाद केवल एक दिन के अवकाश को लागू किया जाएगा.

ममता बनर्जी की डिजाइन की हुई मूर्ति ढहाई

इसके अलावा शनिवार सुबह कोलकाता के प्रतिष्ठित साल्ट लेक स्टेडियम के वीवीआईपी गेट के बाहर एक बड़ा बदलाव देखने को मिला. यहां पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कार्यकाल में लगाई गई एक बड़ी और विवादित फुटबॉल प्रतिमा को आधिकारिक निगरानी में पूरी तरह से ढहा दिया गया. इसके बाद से ही पूरे राज्य में राजनीतिक चर्चाएं काफी तेज हो गई हैं.

यह कोई आम प्रतिमा नहीं थी, बल्कि इसे खुद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने डिजाइन किया था. साल 2017 में फीफा अंडर-17 विश्व कप से ठीक पहले स्टेडियम के सौंदर्यीकरण के नाम पर इसे स्थापित किया गया था. इस नीले और सफेद रंग की संरचना में धड़ से कटे हुए दो पैर और उनके ऊपर एक बड़ी सी फुटबॉल रखी हुई दिखाई देती थी. इसके ऊपर टीएमसी सरकार का खास ‘बिश्वा बांग्ला’ लोगो भी प्रमुखता से लगाया गया था.

हाल ही में राज्य के नए युवा मामलों और खेल मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने इस पर कड़ा बयान दिया था. उन्होंने इस प्रतिमा को ‘अजीब और बेतुकी’ संरचना करार देते हुए स्पष्ट रूप से कहा था कि स्टेडियम जैसे महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक खेल परिसर में ऐसी भद्दी और अजीबोगरीब मूर्ति के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए. खेल मंत्री के बयान के कुछ ही दिनों बाद, शनिवार सुबह पीडब्ल्यूडी और खेल विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में इस ढांचे को गिराने की कार्रवाई पूरी की गई.

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