लखनऊ. अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने करोड़ों की जो धनराशि गोरखपुर के राजघाट के निर्माण के लिए निकाली थी, उसमें से सिंचाई विभाग ने भाजपाइयों के साथ मिलकर, भ्रष्टाचार की नहर निकालकर अपने स्वार्थ के कई खेत सींच लिए हैं, तभी ये बदहाली है. निर्माण की इस दुर्गति के पीछे भाजपाई कमीशनखोरी ही जिम्मेदार है, जिसने दो अधिवक्ताओं की असामयिक जान ले ली है, उस पर अधिकारियों की असंवेदनशील बयानबाजी की प्रेरणा उन भ्रष्ट अफसरों को कहां से मिल रही है कहने की जरूरत नहीं हैं.
इसे भी पढ़ें- योगी जी ये सुशासन है या ‘कुशासन’! आवास योजना की आस में 11 साल से भटक रहा परिवार, आखिर कब मिलेगा हक?
अखिलेश यादव ने कहा कि इधर भाजपा सरकार में ये देखा जा रहा है कि मृतकों के परिजनों के घाव पर नमक छिड़कने का काम लगातार किया जा रहा है. भाजपाई याद रखें अब जनता न तो भाजपा वालों के भाषण सुनने के मूड में है, न उनके बयान. निर्माण में संलिप्त अधिकारियों व गैरजिम्मेदार बयानबाजी पर अगर अधिकारियों का निलंबन नहीं हुआ तो माना जाएगा कि वो अपने मुखिया और सांसद के कहने पर ऐसा भ्रष्ट काम कर रहे हैं, ऐसी भ्रष्ट भाषा बोल रहे हैं.
आगे उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार का हाल ये है कि अगर लोगों को पता चल जाए कि ये निर्माण भाजपाकाल में हुआ है तो भाजपाकाल में निर्मित छतरी और द्वार के नीचे जनता खड़ी नहीं होती है. भाजपाकाल में निर्मित पानी की टंकी देखकर दूर भागती है, भाजपाकाल में निर्मित दीवार का सहारा नहीं लेती है. भाजपाकाल में निर्मित सड़क, हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर नहीं चलती है, भाजपाकाल में निर्मित पुलों से नहीं गुजरती है, भाजपाकाल में निर्मित मंदिर और संसद की टपकती छत से खौफ खाती है.
इसे भी पढ़ें- ‘एनकाउंटर करो, फिर उठेगा शव’! पेट्रोल का केन लेकर बैठी CRPF जवान की बेटी, 16 घंटे तक नहीं हुआ अंतिम संस्कार
अखिलेश यादव ने ये भी कहा कि भाजपा ने भ्रष्टाचार का वैश्विक रिकॉर्ड तोड़ दिया है. भाजपाई ये भी नहीं सोचते हैं कि इन जानलेवा निर्माणों के कारण कभी उनके अपने भी इसका शिकार हो सकते हैं, लेकिन हृदयहीन भ्रष्ट भाजपाई अपने आप के अलावा किसी और के बारे में या परिवार के बारे में नहीं सोचते हैं. ये बड़े गर्व से कहते हैं कि हमारा तो परिवार ही नहीं है. परिवार उनके होते हैं, जो जिम्मेदारी निभाना जानते हैं, उनके नहीं जो जिम्मेदारी से भागकर सुरंगों में रहते हैं. गोरखपुर में सांसद, विधायक, मेयर का भाजपाई ट्रिपल इंजन है, ऊपर से मुख्यमंत्री भी यहीं के हैं और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी, शायद इसीलिए भ्रष्टाचार में बंदरबांट के हिस्से भी ज्यादा हो रहे हैं और निर्माण के लिए कुछ बचता ही नहीं है, बेहद निंदनीय.



