सतीश सिंह, लखनऊ. बसपा प्रमुख मायावती ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर और उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी के मामलों पर निष्पक्ष जांच की मांग की है. उन्होंने कहा कि दोनों प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के ट्रस्ट से जुड़े मुख्य प्रबंधकों की भी गहन जांच होनी चाहिए, ताकि यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो उसकी जवाबदेही तय हो सके.

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मायावती ने कहा कि यदि निचले स्तर पर कोई गड़बड़ी हुई है तो उसकी वजह या तो मुख्य प्रबंधकों की मिलीभगत हो सकती है या फिर उनकी लापरवाही. उन्होंने सरकार और एसआईटी से इस पूरे प्रकरण पर विशेष ध्यान देने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की.

बसपा प्रमुख ने अपने बयान में समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के उन नेताओं का भी उल्लेख किया, जिन्होंने श्रीराम मंदिर के चढ़ावे में बड़ी रकम की कथित चोरी और गबन के आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि यदि ऐसे आरोप लगाए गए हैं तो संबंधित नेताओं को उनके समर्थन में ठोस साक्ष्य भी प्रस्तुत करने चाहिए, ताकि कोई भी दोषी बच न सके.

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मायावती ने कहा कि यदि बिना प्रमाण के केवल आरोप लगाए जाते हैं, तो इसे श्रद्धा का नहीं बल्कि राजनीतिक उद्देश्य से उठाया गया मुद्दा माना जाएगा. उन्होंने कहा कि आम चर्चा है कि कुछ राजनीतिक दल जनहित के मुद्दों को पीछे छोड़कर इस विषय को चुनावी राजनीति का माध्यम बनाना चाहते हैं.