वाराणसी: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि गांवों का सर्वांगीण विकास ही सरकार का प्रमुख लक्ष्य है और विकसित पंचायतों के बिना विकसित भारत का सपना पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि आने वाला समय भारत, उत्तर प्रदेश और पूरे उत्तर भारत का है।
गांवों का सर्वांगीण विकास हमारा लक्ष्य
वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार और उत्तर प्रदेश ग्राम्य विकास विभाग की ओर से आयोजित पंच सम्मेलन को संबोधित करते हुए केशव मौर्य ने कहा कि नई ग्रामीण विकास योजनाओं का उद्देश्य गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य को मजबूत करना है। उन्होंने दावा किया कि पहले मनरेगा में केवल धन का दुरुपयोग होता था, जबकि अब योजनाओं को विकसित पंचायत की अवधारणा के साथ लागू किया जा रहा है।
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करोड़ों लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर लाया
डिप्टी सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में करोड़ों लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर लाया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, मुफ्त राशन, सड़क और अन्य विकास कार्यों को सरकार की प्रमुख उपलब्धियां बताते हुए कहा कि विकसित उत्तर प्रदेश ही विकसित भारत की नींव बनेगा। उन्होंने कानून-व्यवस्था, नक्सलवाद पर नियंत्रण और जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का भी उल्लेख किया।
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विकसित पंचायतों के निर्माण में सक्रिय भूमिका
सम्मेलन में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री कमलेश पासवान ने कहा कि देश की लगभग 70 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है, इसलिए ग्रामीण विकास देश के भविष्य की कुंजी है। उन्होंने ग्राम प्रधानों से विकसित पंचायतों के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
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कमलेश पासवान ने कहा कि ग्रामीण विकास मंत्रालय केंद्र सरकार का तीसरा सबसे बड़ा मंत्रालय है और आगामी 25 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर योजनाएं तैयार की गई हैं। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को बाजार उपलब्ध कराने, सरस मेलों के नियमित आयोजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया।
उन्होंने काशी के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में शहर में अभूतपूर्व परिवर्तन हुआ है। काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, बेहतर सड़क और हवाई संपर्क के कारण हर साल करोड़ों श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।

